
Petrol Diesel Price Hike (AI Image)
Petrol Diesel Price Hike: एक तरफ नौतपा की भीषण गर्मी और दूसरी तरफ पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव का असर अब सीधे आम आदमी की जेब पर दिखने लगा है। तेल कंपनियों ने सोमवार को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में फिर बढ़ोतरी कर दी। पिछले 11 दिनों में यह चौथी बार है जब ईंधन के दाम बढ़ाए गए हैं। लगातार बढ़ती कीमतों ने घरेलू बजट पर दबाव बढ़ा दिया है और महंगाई को लेकर चिंता भी तेज कर दी है।
सोमवार को पेट्रोल की कीमत में 2.61 रुपए प्रति लीटर और डीजल में 2.71 रुपए प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई। इसके साथ ही बीते 10 दिनों में पेट्रोल-डीजल की कीमतें कुल मिलाकर करीब 7.50 रुपए प्रति लीटर तक बढ़ चुकी हैं। वहीं सीएनजी की कीमतों में भी करीब 4 रुपए की वृद्धि हो चुकी है।
जानकारों का कहना है कि भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमत का बड़ा हिस्सा टैक्स के रूप में केंद्र और राज्य सरकारों के पास जाता है। यदि केंद्र और बड़े राज्य अपने टैक्स में 30 फीसदी कटौती कर दें तो पेट्रोल-डीजल 4 से 10 रुपए प्रति लीटर तक सस्ता हो सकता है।
सरकार और तेल कंपनियों की ओर से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और वैश्विक आपूर्ति पर दबाव को इसका मुख्य कारण बताया जा रहा है।
हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि भारत में पेट्रोल-डीजल की खुदरा कीमतों का बड़ा हिस्सा टैक्स के रूप में केंद्र और राज्य सरकारों के पास जाता है। इसमें केंद्र सरकार एक्साइज ड्यूटी और सेस वसूलती है, जबकि राज्य सरकारें वैट और अतिरिक्त सेस लेती हैं।
जानकारों के मुताबिक अगर केंद्र और बड़े राज्य अपने टैक्स में करीब 30 प्रतिशत तक कटौती कर दें तो पेट्रोल-डीजल की कीमतों में 4 से 10 रुपए प्रति लीटर तक राहत मिल सकती है।
दिल्ली में मौजूदा कीमतों के आधार पर एक लीटर पेट्रोल की कीमत का बड़ा हिस्सा टैक्स और कंपनियों के पास जाता है।
| हिस्सा | राशि (प्रति लीटर) | प्रतिशत |
|---|---|---|
| तेल कंपनियां | ₹55-62 | 55-60% |
| केंद्र सरकार (एक्साइज ड्यूटी) | ₹12-20 | 12-18% |
| राज्य सरकार (वैट/सेस) | ₹15-25 | 18-25% |
| डीलर कमीशन | ₹3.5-4.5 | 3-4% |
| कुल | ₹102 | 100% |
| तारीख | बढ़ोतरी |
|---|---|
| 15 मई | ₹3 |
| 19 मई | ₹0.90 |
| 23 मई | ₹0.87 |
| 25 मई | ₹2.61 |
| राज्य | पेट्रोल वैट/सेस | डीजल वैट/सेस | संभावित राहत |
|---|---|---|---|
| राजस्थान | 29.04% + सेस | 17.30% + सेस | ₹6-8 |
| मध्यप्रदेश | 29% + 3.5% | 19% + 2.5% | ₹6-8 |
| दिल्ली | 19.40% + एयर टैक्स | 16.75% | ₹3-5 |
| गुजरात | 13.7% + 4% सेस | 14.9% + 4% सेस | ₹3-5 |
| छत्तीसगढ़ | 24% + 2% | 23% + 1% | ₹5-7 |
| कर्नाटक | 25-35% | - | ₹6-8 |
डीजल की कीमत बढ़ने का सबसे ज्यादा असर मालभाड़े और परिवहन लागत पर पड़ता है। ऐसे में रोजमर्रा के सामान, सब्जियां, दूध, खाद्यान्न और अन्य उपभोक्ता वस्तुओं की कीमतों में भी बढ़ोतरी हो सकती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर ईंधन की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी जारी रही तो बाजार में मंदी और महंगाई का नया दौर शुरू हो सकता है।
| शहर | पेट्रोल | डीजल |
|---|---|---|
| दिल्ली | ₹102.12 (+2.61) | ₹95.20 (+2.71) |
| कोलकाता | ₹113.51 (+2.87) | ₹99.82 (+2.80) |
| मुंबई | ₹111.21 (+2.72) | ₹97.83 (+2.81) |
| चेन्नई | ₹107.77 (+2.46) | ₹99.55 (+2.57) |
| जयपुर | ₹112.21 (+2.83) | ₹97.36 (+2.72) |
भीषण गर्मी के बीच बिजली, पानी और परिवहन खर्च पहले से बढ़े हुए हैं। अब पेट्रोल-डीजल और सीएनजी की लगातार बढ़ती कीमतों ने मध्यम वर्ग और नौकरीपेशा लोगों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं।
आम लोगों के बीच यह सवाल भी उठ रहा है कि अगर तेल कंपनियां नुकसान की भरपाई के लिए दाम बढ़ा सकती हैं तो सरकारें टैक्स में कटौती कर राहत क्यों नहीं दे सकतीं।
Published on:
26 May 2026 04:15 am
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