
हिंडनबर्ग की रिपोर्ट के बाद गौतम अदाणी की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही है। विपक्ष ने आज संसद में अदानी एंटरप्राइजेज के खिलाफ हिंडनबर्ग रिपोर्ट पर चर्चा की मांग की । इसके साथ ही कथित अनियमितताओं की जांच के लिए एक संयुक्त संसदीय समिति (JPC) गठित करते हुए इस मामले की जांच की मांग की है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि "सभी पार्टियों के नेताओं ने मिलकर एक फैसला लिया है कि आर्थिक दृष्टि से देश में जो घटनाएं हो रही हैं उसे सदन में उठाना है इसलिए हमने एक नोटिस दिया था। हम इस नोटिस पर चर्चा चाहते थे लेकिन जब भी हम नोटिस देते हैं तो उसे रिजेक्ट कर दिया जाता है। हमने तय किया कि सदन में इस पर चर्चा करेंगे कि जिनका पैसा LIC में है या अन्य संस्थानों में है वो कैसे बर्बाद हो रहा है। लोगों का पैसा चंद कंपनियों को दिया जा रहा है जिसकी रिपोर्ट आने से कंपनी के शेयर्स गिर गए हैं।"
इसके साथ ही आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने न्यूज एजेंसी से बात करते हुए कहा कि अदाणी का "झूठ और धोखाधड़ी का पहाड़" ताश के पत्तों की तरह बिखर रहा है। आप सांसद ने आग्रह किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस मामले को संबोधित करना चाहिए।
भ्रष्टाचार पर सरकार चुप क्यों है?: संजय सिंह
संजय सिंह ने कहा है कि "प्रधानमंत्री को आगे आना चाहिए और इस मुद्दे को संबोधित करना चाहिए। वित्तमंत्री को बताना चाहिए कि rbi , ED और CBI क्या कर रहे हैं? इतने बड़े भ्रष्टाचार पर सरकार चुप क्यों है? FPO अभी शुरुआत है, झूठ का पहाड़ गिरेगा।"
आप सांसद ने अदाणी का पासपोर्ट जब्त करने की मांग की
AAP सांसद संजय सिंह ने बताया कि "मैंने अदाणी का पासपोर्ट जब्त करने के लिए प्रधानमंत्री मोदी, CBI और ED को लेटर लिखा है। नहीं तो वह अन्य व्यवसायियों की तरह देश से भाग जाते हैं तो करोड़ों लोग क्या करेंगे?"
मनोज तिवारी ने JPC गठित करने की मांग की
कांग्रेस नेता के मनोज तिवारी ने कहा कि "हम इस मुद्दे पर संयुक्त संसदीय समिति द्वारा जांच की मांग करते हैं। हम संसद के अंदर मांग उठाएंगे। अगर सरकार हमारी मांग को स्वीकार नहीं करती है, तो हम उचित कदम उठाएंगे। हम मांग करेंगे कि एक संयुक्त संसदीय समिति (JPC) गठित किया जाना चाहिए। सवाल केवल एक प्रवर्तक के बारे में नहीं है, बल्कि पूरे नियामक प्रणाली की प्रभावकारिता के बारे में है।"
RBI ने बैंकों से मांगी जानकारी
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने अदानी ग्रुप के लिए अपने जोखिम पर बैंकों से जानकारी मांगा है। RBI के बैंकों से अदानी ग्रुप के लोन, डायरेक्ट और इन-डायरेक्ट एक्सपोजर के बारे में जानकारी मांगी है।
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