
धरनास्थल पर राहुल गांधी। (फोटो- X/Congress)
दिल्ली में पीएम आवास के पास राहुल गांधी समेत तमाम कांग्रेस नेताओं का धरना प्रदर्शन जारी है। इसमें कांग्रेस के ही एक बड़े नेता मनीष तिवारी नजर नहीं आए। इस बारे में सवाल पूछे जाने उन्होंने जवाब भी दिया।
मनीष तिवारी ने बताया कि जब धरना प्रदर्शन चल रहा था, उस वक्त वह वित्त संबंधी स्थायी समिति की बैठक में शामिल थे। बैठक में सिक्योरिटीज मार्केट कोड पर रिपोर्ट अपनाने वाली थी। इसी बीच उन्हें खबर मिली कि उनके कुछ सहयोगी 7, लोक कल्याण मार्ग पर पहुंचे हैं और उन्हें हिरासत में लिया जा रहा है।
तिवारी ने कहा- जब तक हमें पूरी डिटेल नहीं मिल जाती, हम ज्यादा विस्तार से कुछ नहीं कह सकते। लेकिन उन्होंने साफ कर दिया कि कल की घटना को लेकर सदन में चर्चा होनी चाहिए थी।
वहीं, कल छात्रों पर हुई लाठीचार्ज की घटना को लेकर भी मनीष तिवारी ने काफी गुस्सा जताया है। उन्होंने कहा कि युवाओं और खासकर लड़कियों पर जो बेरहमी से लाठियां बरसाई गईं, वो बेहद दर्दनाक और निंदनीय है। तिवारी ने कहा कि यह तरीका न तो लोकतंत्र की परंपरा है और न ही किसी लोकतांत्रिक सरकार को ऐसा करना चाहिए।
कल दिल्ली में हुई प्रदर्शन की घटना में युवा और लड़कियां पुलिस की लाठियों का शिकार बने। विपक्ष इसे बर्बर कार्रवाई बता रहा है। तिवारी ने कहा कि यह देखकर बहुत दुख हुआ। लड़कियों पर इस तरह का व्यवहार किसी भी सभ्य समाज में स्वीकार्य नहीं हो सकता।
उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकार को इस मुद्दे पर खुली चर्चा करनी चाहिए। सदन को बंद करने के बजाय सांसदों को अपनी बात रखने का मौका मिलना चाहिए।
कांग्रेस के अलावा अन्य विपक्षी दल भी इस घटना को लेकर सरकार से सवाल कर रहे हैं। कई नेता इसे लोकतंत्र पर हमला बता रहे हैं।
इस बीच, कांग्रेस ने ऐलान कर दिया है कि जब तक छात्रों के न्याय नहीं होगा, तब तक पीएम आवास के सामने राहुल गांधी का धरना प्रदर्शन जारी रहेगा।
हालांकि, राहुल को मनाने के लिए सरकार की ओर से केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह पहुंचे थे, लेकिन कांग्रेस नेताओं ने उनकी एक बात नहीं सुनी। केंद्रीय मंत्री को मायूस होकर वापस लौटना पड़ा।
Updated on:
21 Jul 2026 06:36 pm
Published on:
21 Jul 2026 06:35 pm
