
Punjab Journalists Facebook Pages: कांग्रेस ने बुधवार को आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि पंजाब की भगवंत मान सरकार की आलोचना करने वाले कई पत्रकारों के फेसबुक पेज कॉपीराइट दावों के जरिए हटवाए गए। साथ ही केजरीवाल पर नरेंद्र मोदी बनने का भी आरोप लगाया है।
कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने अरविंद केजरीवाल को मोदी बनने की कोशिश करने वाला बताते हुए आरोप लगाया कि आलोचना को लेकर उनका रवैया भी केंद्र की बीजेपी सरकार जैसा ही है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए पवन खेड़ा ने कहा कि केजरीवाल अच्छे स्कूल और मोहल्ला क्लीनिक का वादा करते हैं, लेकिन विचारधारा और लोकतांत्रिक जवाबदेही को लेकर उनकी प्रतिबद्धता नजर नहीं आती।
पवन खेड़ा ने आरोप लगाया कि सत्ता में आने के बाद केजरीवाल आलोचनाओं से बचने के लिए या तो चुप्पी साध लेते हैं या फिर आलोचना को रोकने की कोशिश करते हैं। उन्होंने पंजाब में पत्रकारों के फेसबुक पेजों के खिलाफ कथित कॉपीराइट कार्रवाई को भी इसी रवैये से जोड़कर निशाना साधा।
बता दें कि कांग्रेस नेता पवन खेड़ा का यह बयान द रिपोर्टर्स कलेक्टिव की एक रिपोर्ट के बाद सामने आया है। रिपोर्ट् के मुताबिक, पंजाब सरकार ने पिछले साल अक्टूबर से पत्रकारों द्वारा फेसबुक पर पोस्ट किए गए कम से कम 48 वीडियो और पोस्ट पर कॉपीराइट का दावा किया।
रिपोर्ट में दावा किया गया कि जनवरी से अप्रैल 2026 के बीच कॉपीराइट उल्लंघन के नोटिस के बाद चार फेसबुक पेज हटा दिए गए। वहीं, एक अन्य पेज पंजाब पुलिस के नोटिस और अलग-अलग कॉपीराइट दावों के बाद हटाया गया। इन पांचों पेजों के कुल 30 लाख से अधिक फॉलोअर्स थे।
रिपोर्ट के मुताबिक, AAP की ओर से जिन कंटेंट पर आपत्ति जताई गई, उनमें पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान और अन्य AAP नेताओं की तस्वीरें, सरकार से जुड़ी सामग्री, विपक्षी विधायक की तस्वीर, सरकारी अधिसूचना और यहां तक कि AI से बनाई गई तस्वीरें भी शामिल थीं।
रिपोर्ट के अनुसार, AAP पंजाब के मीडिया प्रभारी बलतेज पन्नू ने पार्टी के कॉपीराइट दावे भेजने के अधिकार का बचाव किया। उनका कहना था कि अगर वीडियो या अन्य सामग्री AAP की है, तो पार्टी कॉपीराइट नोटिस भेज सकती है।
पत्रकारों की योग्यता को लेकर भी पन्नू ने कहा कि बिना उचित डिग्री या योग्यता के AAP के खिलाफ निराधार आरोप लगाने वालों पर कार्रवाई की जा सकती है।
हालांकि, रिपोर्ट में बताया गया कि भारत में पत्रकारिता करने के लिए पत्रकारिता की डिग्री अनिवार्य नहीं है। रिपोर्ट के मुताबिक, जिन पत्रकारों के पेजों को निशाना बनाया गया, उनमें से तीन के पास पत्रकारिता की डिग्री थी, जबकि एक पत्रकार पत्रकारिता का कोर्स कर रहा था।
वहीं रिपोर्ट में यह भी बताया है कि Meta ने बाद में माना कि पांच में से चार फेसबुक पेज गलती से हटाए गए थे। इसके बाद इन पेजों को बहाल कर दिया गया। पत्रकारों ने पेज हटाए जाने के खिलाफ अपील भी की थी। कुछ पत्रकारों ने पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट का भी रुख किया। हालांकि, रिपोर्ट के अनुसार, पंजाब पुलिस की कानूनी मांग के बाद एक फेसबुक पेज अब भी उपलब्ध नहीं है।