Congress attacks PM Modi: कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता पवन खेड़ा ने शुक्रवार को बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि पीएम मोदी बिना बुलाए अमेरिका गए।
Congress Attacks PM Modi: कांग्रेस ने एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला बोला है। कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता पवन खेड़ा ने शुक्रवार को बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि पीएम मोदी बिना बुलाए अमेरिका गए। उन्हें राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के शपथ ग्रहण समारोह में आमंत्रित नहीं किया गया था, लेकिन फिर भी वे वहां गए। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि वह पारस्परिक शुल्क लगाएंगे, लेकिन वह (पीएम मोदी) बस मुस्कुरा रहे थे। आप (पीएम मोदी) ट्रंप की धमकी सुनकर (अमेरिका से) आए हैं।
पवन खेड़ा ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि वह ब्रिक्स को खत्म कर देंगे, लेकिन वह (पीएम मोदी) फिर भी मुस्कुरा रहे थे। अमेरिका के अडानी एलोन मस्क ने एफ-35 लड़ाकू विमानों को कबाड़ कहा। वही भारत पर थोपा जा रहा है। वह (पीएम मोदी) बस मुस्कुरा रहे थे। यह अमेरिका में हुआ और वे हमें बता रहे हैं कि हमने उन्हें अस्थिर करने के लिए अमेरिकी सहायता से पैसा लिया।
कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने कहा कि एक हफ्ते से एक कहानी चलाई रही है कि USAID ने नरेंद्र मोदी सरकार को अस्थिर करने के लिए 21 मिलियन डॉलर दिए। अगर इतनी सुरक्षा एजेंसियों के होते हुए भी मोदी सरकार ने भारत में 21 मिलियन डॉलर आने दिए तो ये शर्म की बात है। वहीं, जब इस बारे में मोदी सरकार से सवाल पूछा गया तो कहने लगे- ये पैसा 2012 में UPA के समय आया था।
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि ऐसे में क्या 2014 में BJP इसी पैसे से जीती थी? सच्चाई ये है कि- USAID के ये 21 मिलियन डॉलर बांग्लादेश के NGOs को गए हैं। एक समय भारत के प्रधानमंत्री के पद की ऐसी साख होती थी कि अमेरिका तक को पीछे हटना पड़ता था। लेकिन आज अमेरिका से बांग्लादेश में 21 मिलियन डॉलर आ गए, पर नरेंद्र मोदी को कुछ पता ही नहीं।
1 ये आपका कैसा सूचना तंत्र है?
2 ये आपका कैसा इंटेलिजेंस है?
3 क्या बांग्लादेश में आई अस्थिरता का असर भारत पर नहीं पड़ेगा?
हम USAID या किसी फंडिंग एजेंसी के खिलाफ नहीं हैं। देश में फंडिंग के लिए कानून हैं, जिनके तहत BJP से जुड़े NGOs भी फंड लेते हैं, लेकिन जानबूझकर सिर्फ कांग्रेस का नाम लेना गलत है। जब स्मृति ईरानी USAID की ब्रांड एंबेसडर थीं और सिलेंडर लेकर सड़कों पर प्रदर्शन करती थीं, तो क्या वो प्रदर्शन USAID करवा रहा था? अन्ना हजारे ने दिल्ली में आंदोलन किया, हमारी सरकार यहां हारी, फिर वो अमेरिका गए और रोड शो किया। फोर्ड फाउंडेशन का पैसा आता था, उसमें RSS भी शामिल था। सच्चाई ये है- नरेंद्र मोदी, ट्रंप से एकतरफा रिश्ता निभाते हुए देश की साख पर बट्टा लगा रहे हैं।