कर्नाटक में जाति जनगणना पर बीजेपी ने कांग्रेस पर हिंदू समाज को बांटने का आरोप लगाया है। वहीं कांग्रेस ने कहा- पार्टी ने मेनिफेस्टो में जातीय जनगणना का वादा किया था।
Caste Census: कर्नाटक में जाति जनगणना को लेकर सिसायी घमासान जारी है। प्रदेश की कांग्रेस सरकार पर विपक्षी दलों ने हिंदू समाज को तोड़ने और कांग्रेस पर हिंदू विरोधी होने का आरोप लगाया है, वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस सराकर इसे सामाजिक-आर्थिक न्याय के लिए जरूरी कदम बता रही है। जाति जनगणना को लेकर कांग्रेस की सिद्धारमैया सरकार पर हमला बोलते हुए केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा कि कांग्रेस हमेशा समस्याएं पैदा करती है।
केंद्रीय मंत्री ने सिद्धारमैया सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सोनिया और राहुल गांधी के मार्गदर्शन में मुख्यमंत्री सिद्धारमैया का उद्देश्य हिंदू समाज को तोड़ना है, क्योंकि वह अति-वामपंथी और हिंदू विरोधी हैं। उन्होंने कहा कि क्या आपने कभी लिंगायत ईसाई, ब्राह्मण ईसाई, कुरुबा ईसाई, एससी ईसाई या हरिजन ईसाई के बारे में सुना है?
बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष बीवाई विजयेंद्र ने भी जाति जनगणना को लेकर सिद्धारमैया सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की कांग्रेस सरकार ने लोगों को धर्म के आधार पर बांटने का खतरनाक काम शुरू कर दिया। सिद्धारमैया सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि राज्यों के पास जाति जनगणना कराने का अधिकार नहीं है, फिर भी कर्नाटक की कांग्रेस सरकार ने इसे आगे बढ़ाया है और 47 नई जातियां भी बनाई हैं।
उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि राष्ट्र और राज्य के हित में लोग अपना धर्म हिंदू लिखें। साथ ही उन्होंने कहा कि ईसाई लिंगायत, ईसाई वोक्कालिगा, ईसाई बुनकर और ईसाई अनुसूचित जाति व जनजाति जैसी श्रेणियां भ्रम पैदा करने के लिए गढ़ी गई हैं।
वहीं बीजेपी के आरोपों के बीच कांग्रेस ने जाति जनगणना के फैसले की सराहना की है। कांग्रेस सरकार के मुख्य सचेतक सलीम अहमद ने कहा कि पार्टी ने मेनिफेस्टो में जातीय जनगणना का वादा किया था। सरकार पहले एक सर्वे करा चुकी है। यह री-सर्वे है, जो सोमवार से शुरू होगा। यह एक अच्छा फैसला है।