
कांग्रेस नेता रणदीपसिंह सुरजेवाला। ( फोटो : ANI)
Crude Oil : ईंधन के दामों में लगातार हो रहे इजाफे को लेकर कांग्रेस ने केंद्र की भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने सोमवार को आरोप लगाया कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें गिरने के बावजूद मोदी सरकार आम जनता की 'जेब काटने' में लगी है। पत्रकारों से बातचीत में सुरजेवाला ने दावा किया कि जब क्रूड ऑयल के दाम 98.6 डॉलर प्रति बैरल तक लुढ़क गए हैं, तब भी सरकार ने पेट्रोल-डीजल पर 2.71 रुपये तक बढ़ा दिए हैं। उन्होंने इस मामले में एक बड़े खुलासे का भी दावा किया है।
ध्यान रहे कि पश्चिम एशिया के भू-राजनीतिक तनाव और ग्लोबल मार्केट में अस्थिरता के बीच महज दो हफ्ते में यह चौथी बार है जब पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ाए गए हैं। इस ताजा संशोधन से दिल्ली में पेट्रोल 2.61 रुपये महंगा होकर 102.12 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया है और इसने 100 का आंकड़ा पार कर लिया है। वहीं, डीजल में 2.71 रुपये की बढ़ोतरी हुई है और यह 95.20 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है। मुंबई, चेन्नई और कोलकाता जैसे महानगरों में भी इसी तरह दाम बढ़े हैं, जिससे आम उपभोक्ताओं और ट्रांसपोर्टर्स पर भारी बोझ पड़ा है।
दूसरी ओर, कर्नाटक की सियासत में भी हलचल तेज है। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया 26 मई को दिल्ली में कांग्रेस आलाकमान से मिलने वाले हैं। हालांकि, कर्नाटक के कांग्रेस प्रभारी रणदीप सुरजेवाला ने इन अटकलों को सिरे से खारिज किया है कि यह दौरा राज्य में नेतृत्व परिवर्तन के लिए है। सुरजेवाला ने साफ किया कि दिल्ली की यह बैठक आगामी राज्यसभा चुनावों के लिए पार्टी के आंतरिक विचार-विमर्श का हिस्सा है, इसलिए अनावश्यक अटकलें न लगाई जाएं।
गौरतलब है कि कर्नाटक में सिद्धारमैया और डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार के बीच सीएम की कुर्सी को लेकर लंबे समय से खींचतान की खबरें आती रही हैं। पार्टी सूत्रों की मानें तो अपने इस दिल्ली दौरे पर सिद्धारमैया राहुल गांधी से मुलाकात कर सकते हैं, जिसमें राज्यसभा के साथ-साथ विधान परिषद चुनावों की रणनीतियों पर भी मंथन होगा।
डीके शिवकुमार का खेमा पिछले 18 महीनों से दावा कर रहा है कि उन्हें जल्द ही मुख्यमंत्री पद सौंपा जाएगा, लेकिन अब तक ऐसा नहीं हुआ है। पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने बताया कि इस लंबी खींचतान और असमंजस की वजह से कर्नाटक में पार्टी की छवि को नुकसान पहुंच रहा है और कई नेता जल्द इस अनिश्चितता को खत्म करने की मांग कर रहे हैं। अब सबकी निगाहें 26 मई को आलाकमान और सिद्धारमैया की होने वाली बैठक के नतीजों पर टिकी हैं। ( इनपुट : ANI)
Updated on:
25 May 2026 11:58 am
Published on:
25 May 2026 11:52 am
बड़ी खबरें
View Allराष्ट्रीय
ट्रेंडिंग
