
केंद्र सरकार की अग्निपथ योजना को लेकर कांग्रेस ने एक बार फिर मोर्चा खोल दिया है। पार्टी ने कहा है कि अग्निवीर योजना को खत्म कराने की मांग अब और तेज की जाएगी।
कांग्रेस ने शुक्रवार से 'जय जवान पार्ट-2' अभियान शुरू करने का ऐलान किया है। पार्टी का कहना है कि यह लड़ाई तब तक जारी रहेगी, जब तक अग्निपथ योजना को खत्म नहीं कर दिया जाता।
कांग्रेस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट साझा कर अग्निवीरों से जुड़ी छह प्रमुख मांगें सरकार के सामने रखी हैं। पार्टी का आरोप है कि अग्निवीरों को नियमित सैनिकों जैसी सुविधाएं और अधिकार नहीं मिल रहे हैं। कांग्रेस के पूर्व सैनिक विभाग के चेयरमैन कर्नल रोहित चौधरी ने इस अभियान को लेकर अपनी बात रखी है।
कर्नल रोहित चौधरी ने प्रेस कांफ्रेंस के दौरान कहा- अग्निपथ योजना के तहत भर्ती होने वाले युवाओं के साथ समान व्यवहार होना चाहिए। उन्होंने मांग की है कि जिन 25 प्रतिशत अग्निवीरों को चार साल की सेवा के बाद सेना में नियमित किया जाता है, उन्हें भर्ती के पहले दिन से ही नियमित सैनिकों के सभी लाभ मिलने चाहिए।
कांग्रेस की ओर साफ कहा गया है कि नियमित होने वाले सैनिकों की सेवा को अग्निवीर के रूप में भर्ती होने की तारीख से ही नियमित माना जाना चाहिए। इससे उनकी वरिष्ठता और दूसरे सेवा लाभों पर भी असर पड़ेगा।
इसके अलावा पार्टी ने अग्निवीरों को नियमित सैनिकों की तरह सालाना 90 दिन की छुट्टी देने की मांग की है। कांग्रेस का तर्क है कि सेना में काम करने वाले युवाओं को छुट्टियों और दूसरी सुविधाओं के मामले में अलग-अलग श्रेणियों में नहीं बांटना चाहिए।
कर्नल रोहित चौधरी ने अग्निवीरों की शादी से जुड़े नियमों पर भी सवाल उठाए हैं। पार्टी की ओर से कर्नल रोहित ने मांग है कि अग्निवीरों को शादी करने की अनुमति दी जानी चाहिए, क्योंकि शादी करना उनका मौलिक अधिकार है।
इसके साथ ही उन अग्निवीरों का मामला भी उठाया गया है, जिन्हें मेडिकल कारणों से सेना से बाहर कर दिया गया है। कांग्रेस ने मांग की है कि ऐसे युवाओं को दोबारा सेना में शामिल करने के लिए री-मस्टर की प्रक्रिया अपनाई जाए।
पार्टी का मानना है कि मेडिकल आधार पर बाहर किए गए अग्निवीरों के मामलों पर दोबारा विचार होना चाहिए, ताकि योग्य युवाओं को सेवा जारी रखने का मौका मिल सके।
कांग्रेस ने शहीद होने वाले अग्निवीरों के परिवारों को मिलने वाले आर्थिक लाभ का मुद्दा भी उठाया है। पार्टी की मांग है कि शहीद अग्निवीरों के परिवारों को भी नियमित सैनिकों के परिवारों की तरह सभी सुविधाएं और जीवनभर पेंशन मिलनी चाहिए।
कांग्रेस का कहना है कि देश की सुरक्षा में जान गंवाने वाले सैनिकों के बीच किसी तरह का भेदभाव नहीं होना चाहिए। अगर कोई अग्निवीर देश के लिए अपनी जान देता है तो उसके परिवार को भी वही सम्मान और आर्थिक सुरक्षा मिलनी चाहिए, जो नियमित सैनिकों के परिवारों को मिलती है।
कांग्रेस ने अग्निवीरों के वेतन और सुविधाओं को लेकर भी सरकार से जवाब मांगा है। पार्टी ने दावा किया कि अग्निवीरों को नियमित सैनिकों के मुकाबले हर महीने करीब 40 हजार रुपये ही दिए जाते हैं। ऐसे में कांग्रेस ने सवाल किया है कि बाकी सुविधाओं के नाम पर तय रकम का हिसाब क्या है और अग्निवीरों को उनका पूरा लाभ क्यों नहीं मिल रहा है।
कर्नल रोहित चौधरी ने कहा है कि कांग्रेस अब 'जय जवान पार्ट-2' अभियान शुरू कर रही है। पार्टी इस मुद्दे को देशभर में उठाएगी और अग्निवीरों के अधिकारों की लड़ाई जारी रखेगी।
कांग्रेस पहले भी अग्निपथ योजना को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधती रही है। लोकसभा चुनाव के दौरान भी राहुल गांधी ने अग्निवीर योजना को बड़ा चुनावी मुद्दा बनाया था।