
BJP leader Yogesh Gowda murder case: भाजपा नेता योगेश गौड़ा की 2016 में हुई हत्या के मामले में कांग्रेस विधायक विनय कुलकर्णी समेत 15 अन्य लोगों को दोषी ठहराया गया है। बेंगलुरु स्थित जन प्रतिनिधियों की विशेष अदालत ने सभी 16 आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। कोर्ट ने प्रत्येक दोषी पर 30,000 रुपए का जुर्माना भी लगाया है।
विशेष अदालत के न्यायाधीश संतोष गजानन भट्ट ने आरोपियों को भाजपा नेता योगेश गौड़ा की हत्या का दोषी पाया। अदालत ने धारवाड़ ग्रामीण विधायक और उनके सह-आरोपियों को भारतीय दंड संहिता के तहत हत्या (धारा 302) और आपराधिक साजिश (धारा 120बी) का दोषी पाया। इस मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने की और आरोपपत्र दाखिल किया।वहीं अदालत ने अदालत ने वासुदेव राम नीलेकणी और सोमशेखर बसप्पा न्यामगौड़ा के खिलाफ पुख्ता सबूत न होने के कारण उन्हें बरी कर दिया।
विशेष लोक अभियोजक शिवानंदा पर्ला (Shivananda Perla) और एस. हेमहद (S.Hemahad) ने बिना किसी छूट के आजीवन कारावास (मृत्यु तक) की मांग करते हुए जोर दिया कि एक मौजूदा विधायक की संलिप्तता को देखते हुए ऐसी सजा उचित है जो समाज को कड़ा संदेश दे। हालांकि कुलकर्णी की कानूनी टीम ने पारिवारिक जिम्मेदारियों का हवाला देते हुए नरमी बरतने की अपील की, लेकिन अदालत ने अपराध की गंभीरता को बरकरार रखा।
भाजपा के जिला पंचायत सदस्य योगेश गौड़ा की 15 जून 2016 को धारवाड़ स्थित उनके जिम में बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। शुरुआत में मामले की जांच स्थानीय पुलिस ने की। हालांकि बढ़ते राजनीतिक दवाब और इस आरोप के बाद कि तत्कालीन जिला प्रभारी मंत्री ने विनय कुलकर्णी ने उभरते राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी को खत्म करने के लिए हत्या की साजिश रची थी, मामले को 2019 में सीबीआई को सौंप दिया गया था।
उम्रकैद की सजा मिलने के बाद लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत विधायक विनय कुलकर्णी कर्नाटक विधानसभा से तत्काल अयोग्य घोषित होने के कगार पर हैं। आपको बता दें कि लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम दो साल या उससे अधिक की सजा पाने वाले किसी भी निर्वाचित प्रतिनिधि को सदन से हटाने का प्रावधान करता है।