
दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी समेत तमाम विपक्ष के नेता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आवास के सामने धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं। इस बीच, कई कांग्रेसी नेताओं को हिरासत में लिया गया है।
इसको लेकर केंद्र सरकार भी गंभीर हो गई है। सरकार की ओर से केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह धरनास्थल पर पहुंच गए हैं। उन्होंने विरोध प्रदर्शन को लेकर राहुल गांधी से मुलाकात की है।
धरना प्रदर्शन के बीच राहुल गांधी ने कहा- हम प्रधानमंत्री के घर स्टूडेंट्स के खून का हिसाब मांगने आए हैं, युवाओं की बुरी हालत के लिए दोषी मोदी सरकार जवाबदेही और पार्लियामेंट में चर्चा से भाग नहीं सकती।
उन्होंने आगे कहा- देश के युवाओं का भविष्य बर्बाद करने और उनके साथ हो रहे ज़ुल्म के लिए नरेंद्र मोदी, अमित शाह और धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना चाहिए।
राहुल गांधी ने कहा- कल युवा छात्रों के साथ हुई बर्बरता के बारे में जवाब मांगने के लिए हम पीएम मोदी के घर तक मार्च करके आए हैं। सरकार न तो कोई जिम्मेदारी लेना चाहती है और न ही इस पर संसद में बहस करना चाहती है।
इस बीच, दिल्ली पुलिस ने लोक कल्याण मार्ग पर विरोध प्रदर्शन कर रहे कन्हैया कुमार समेत कांग्रेस नेताओं और पार्टी कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया।
लोक कल्याण मार्ग पर हो रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच कांग्रेस नेता प्रणव झा ने कहा- यह दुर्भाग्यपूर्ण है। क्या हम इन्हें देश की पुलिस कहें, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की पुलिस कहें या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पुलिस? वे निश्चित रूप से ऐसी पुलिस फोर्स नहीं लगतीं जिन्होंने संविधान को बनाए रखने की शपथ ली हो। यह 'स्वामी भक्ति' है, 'लोक भक्ति' नहीं। वे लोकतंत्र के लिए काम करते हुए नहीं दिखते।
वहीं, CJP के विरोध प्रदर्शनों पर उन्होंने कहा- कल जिस तरह निहत्थे युवाओं के कपड़े फाड़े गए, उसे देखिए। अगर उससे आपका दिल नहीं पिघलता, तो आपके पास दिल ही नहीं है। इस सरकार की आत्मा मर चुकी है और इसके नेता में कोई ज़मीर नहीं है। इसीलिए लोग विरोध में सड़कों पर बैठे हैं।
उधर, सीजेपी के प्रोटेस्ट में शामिल होने के लिए दिल्ली के पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल भी जंतर-मंतर पर पहुंच गए हैं। केजरीवाल ने कहा- मैं उन प्रदर्शनकारियों से मिला जिन पर लाठीचार्ज किया गया था। उन पर पत्थर फेंके गए और आंसू गैस के गोले छोड़े गए, जबकि उनके पास कोई हथियार नहीं था।