राष्ट्रीय

फॉर्म-6 में बदलाव पर घिरी ECI, Gen Z वोटर्स को लेकर कांग्रेस ने ज्ञानेश कुमार पर साधा निशाना

Congress On ECI: कांग्रेस नेता रागिनी नायक ने ईसीआई-एसआईआर विवाद को लेकर सीईसी ज्ञानेश कुमार और मोदी सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने SSR और Form-6 में बदलाव को लेकर सवाल उठाते हुए युवा मतदाताओं को गुमराह करने का आरोप लगाया।
2 min read
• •
Sep 26, 2026
Ragini Nayak on ECI
कांग्रेस नेता रागिनी नायक ने सीईसी ज्ञानेश कुमार पर लगाए आरोप (Photo-IANS)

ECI SIR Controversy: ईसीआई-एसआईआर विवाद पर कांग्रेस नेता रागिनी नायक की प्रतिक्रिया सामने आई है। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और मोदी सरकार पर आरोप लगाए है। कांग्रेस नेता ने कहा कि सीईसी ज्ञानेश कुमार न केवल वोट की चोरी कर रहे थे, बल्कि वे युवा मतदाताओं को भी गुमराह कर रहे थे।

रागिनी नायक ने कहा कि स्पेशल समरी रिवीजन (SSR) एक ऐसी प्रक्रिया है, जिसके जरिए युवाओं को 18 वर्ष की उम्र पूरी होते ही मतदाता बनने का अधिकार मिलता है और उनका नाम मतदाता सूची में जोड़ा जाता है। ज्ञानेश कुमार ने प्रधानमंत्री मोदी के कहने पर इस प्रक्रिया को दो साल के लिए रोक दिया, ताकि नए मतदाताओं का पंजीकरण न हो सके।

जेन-जी में मोदी सरकार के खिलाफ विरोध

उन्होंने कहा कि देशभर में Gen-Z यानी युवा पीढ़ी के बीच मोदी सरकार के खिलाफ सत्ता-विरोधी भावना की लहर तेज हो रही है। ज्ञानेश कुमार ने फॉर्म-6 (Form 6) में बदलाव करके अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर काम किया, जबकि इसमें बदलाव नहीं किया जाना चाहिए था। आखिर इसे बदला ही क्यों गया?

उन्होंने सीईसी पर हमला बोलते हुए कहा कि ज्ञानेश कुमार अब अनगिनत गलत काम करने के बाद खुद को पाक-साफ दिखाने की कोशिश करें, तब भी उन्हें ‘वोट चोर’, ‘राष्ट्रद्रोही’ और ‘दलबदलू’ के रूप में याद किया जाएगा।

पवन खेड़ा ने क्या कहा?

चुनाव आयोग को लेकर कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा ने कहा कि आने वाले दिनों में आपको महाभियोग के मुद्दे पर कुछ स्पष्टता देखने को मिलेगी। हम इस मामले में एक और प्रयास करेंगे। आज पूरा देश ‘वोट चोरी’ को लेकर चिंतित है। लोगों को लगता है कि पूरे जनादेश को चुराया जा रहा है। चोरी और लूट के जरिए बनी सरकारें सत्ता में हैं। एनडीए के लोग भी इसमें शामिल हो रहे हैं। भाजपा के भीतर से भी आवाजें उठेंगी।

BRS नेता ने क्या कहा?

CEC के मुद्दे पर BRS नेता बी. विनोद कुमार ने कहा कि यह रिपोर्ट किया गया है कि चुनाव आयोग के तीनों सदस्यों के बीच 14 मुद्दों पर मतभेद थे। हालिया विचारों के बावजूद, मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ने अलग रुख अपनाया था। यही वह मुद्दा है जिसे सभी राजनीतिक दलों ने उठाया है और अब इन चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति भी चर्चा का विषय है।

उन्होंने कहा कि हमारी पार्टी का मानना है कि मुख्य चुनाव आयुक्त और दो अन्य चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति एक सर्च कमेटी और अपॉइंटमेंट कमेटी के माध्यम से की जानी चाहिए। हमारा मानना है कि सरकार को कानून में संशोधन कर भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) को फिर से चयन समिति का सदस्य बनाना चाहिए, ताकि प्रधानमंत्री, विपक्ष के नेता और भारत के मुख्य न्यायाधीश मिलकर ऐसे चुनाव आयुक्तों का चयन कर सकें, जो बिना किसी प्रभाव के स्वतंत्र रूप से काम कर सकें।

Updated on:
26 Sept 2026 04:12 pm
Published on:
26 Sept 2026 03:13 pm