
Harish Rawat Resign: उत्तराखंड के पूर्व सीएम और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश रावत ने शनिवार को उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी और कांग्रेस कार्यसमिति (CWC) में अपने पदों से इस्तीफा दे दिया। दरअसल, उन्होंने यह फैसले उनके ओएसडी चंदन सिंह जीना के ठिकानों पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) की छापेमारी के दौरान कथित तौर पर बड़ी मात्रा में नकदी और आभूषण बरामद होने की खबरों के बाद सामने आया है। अब इस पर कांग्रेस की प्रतिक्रिया सामने आई है।
कांग्रेस सांसद सुखदेव भगत ने कहा कि उन्होंने राजनीतिक संस्कार का परिचय दिया है, जो कांग्रेस का संस्कार है। सांच को आंच क्या, उन्होंने स्पष्ट किया है तो जो भी दोषी है वो सामने आएगा और कानून उसके खिलाफ अपना काम करेगा लेकिन जिस तरह से भाजपा ED, CBI जैसी एजेंसियों का दुरुपयोग करती है, वो हमेशा संदेह के घेरे में है।
भगत ने कहा कि इन संस्थानों का सबसे ज्यादा दुरुपयोग यदि कोई कर रहा है तो वो मोदी सरकार कर रही है। या तो वे सरकार गिराने में इसका इस्तेमाल करती है, लोगों को डराने में करती है या उन्हें अपनी पार्टी में लाने के लिए करती है।
कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने कहा कि कांग्रेस में नैतिकता है कि इसमें कोई बड़ी धनराशि नहीं है। ये सामान्य लोगों के पास हो सकती हैं, लेकिन उन्होंने नैतिकता का तकादा लेते हुए त्यागपत्र दिया है।
हरीश रावत के इस्तीफे पर बीजेपी की तरफ से भी प्रतिक्रिया सामने आई है। बीजेपी नेता प्रतुल शाहदेव ने कहा कि कैसे समय बदलता है। कभी महात्मा गांधी की सच्चाई के मार्ग पर चलने वाली 'भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस' पार्टी, आज 'भारतीय राष्ट्रीय करप्शन' पार्टी बन गई है। उनके जितने भी वरिष्ठ नेता हैं, सभी पर बड़े आरोप हैं।
उन्होंने आगे कहा कि हरीश रावत के पीए के घर में छापा पड़ा और बहुत सी चीजें, संपत्ति से जुड़े कागज बरामद हुए हैं। जाहिर है कि कोई पीए खुद से ऐसा नहीं कर सकता है। ये उसके बॉस का ही पैसा होगा तो हरीश रावत थोड़े तेज और चतुर राजनेता हैं।
हरिश रावत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर पोस्ट कर अपने फैसले की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि वह नहीं चाहते कि उनके किसी कदम या उनके सहयोगी से जुड़े मामले के कारण कांग्रेस के भ्रष्टाचार के खिलाफ संघर्ष को किसी तरह की कमजोरी पहुंचे।