इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी पीने से हड़कंप मच गया है। अब तक 1500 से ज्यादा लोग बीमार हो चुके हैं और रविवार को भी 65 नए मरीज अस्पताल पहुंचे। हालत इतनी गंभीर है कि 16 मरीज अभी भी आईसीयू (ICU) में भर्ती हैं। इस बड़ी लापरवाही के बाद सरकार ने नगर निगम आयुक्त को पद से हटा दिया है। जानें इलाके के ताज़ा हालात और स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई।
Contaminated Water Crisis in Indore: मध्यप्रदेश के इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में उल्टी-दस्त के मरीज सामने आने का सिलसिला लगातार जारी है। अब ऐसे मरीज भी सामने आ रहे हैं, जिन्हें तीन से चार दिनों तक कोई परेशानी नहीं थी, लेकिन अब वे उल्टी-दस्त से पीडि़त हो रहे हैं। रविवार को संजीविनी क्लिनिक में 65 मरीज पहुंचे, जिनमें से 28 मरीज दस्त की समस्या से ग्रस्त पाए गए। डॉक्टरों ने उन्हें दवाइयां दीं, जबकि कुछ मरीजों को आगे के उपचार के लिए रैफर करना पड़ा।
क्षेत्र में अब तक लगभग 1500 से 1800 मरीज सामने आ चुके हैं। इनमें से करीब 600 मरीजों को विभिन्न अस्पतालों में भर्ती किया गया। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार शनिवार तक लगभग 150 मरीज अस्पतालों में भर्ती थे, जिनमें से 16 मरीज आईसीयू में उपचाररत हैं।
भागीरथपुरा में अब तक 16 मरीजों की मौत होने की पुष्टि परिजनों ने की है। जबकि स्वास्थ्य विभाग ने उल्टी-दस्त से केवल 4 मौतों की पुष्टि की है। अन्य मौतों के मामलों की जांच के लिए स्वास्थ्य विभाग ऑडिट कराएगा। इस ऑडिट टीम में स्वास्थ्य विभाग के रीजनल डायरेक्टर, एमजीएम मेडिकल कॉलेज के डीन सहित अन्य सदस्य शामिल रहेंगे।
टीम भर्ती से संबंधित रिकॉर्ड और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर जांच करेगी। इस मामले में सरकार ने इंदौर में नगर निगम आयुक्त दिलीप कुमार यादव को उनके पद से हटा दिया। मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कुछ समय पहले ही यादव को हटाने के लिए विभाग को नोटशीट लिखी थी।