24 फ़रवरी 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

‘तो अब हमें ‘केरलम-आइट’ कहोगे?’ शशि थरूर ने कसा तंज, एक ट्वीट से मचा दिया बवाल

थरूर ने सोशल मीडिया पर लिखा, यह सब अच्छा ही है, इसमें कोई शक नहीं, लेकिन हममें से अंग्रेजी बोलने वालों के लिए एक छोटा सा भाषाई सवाल है। नए 'केरलम' के निवासियों के लिए 'केरलन' और 'केरलाइट' शब्द का क्या होगा?

2 min read
Google source verification
Shashi Tharoor

शशि थरूर (Photo-X)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में मंगलवार को केरल का नाम बदलकर 'केरलम' करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई। इस बदलाव पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शशि थरूर ने शब्दों का व्यंग्यात्मक प्रयोग करते हुए पूछा कि अब अंग्रेजी भाषी लोग राज्य के निवासियों को क्या कहेंगे। तिरुवनंतपुरम के सांसद ने आगे कहा कि केरलवासी और केरलाइट जैसे शब्दों का क्या होगा?

​थरूर ने कसा तंज

थरूर ने सोशल मीडिया पर लिखा, यह सब अच्छा ही है, इसमें कोई शक नहीं, लेकिन हममें से अंग्रेजी बोलने वालों के लिए एक छोटा सा भाषाई सवाल है। नए 'केरलम' के निवासियों के लिए 'केरलन' और 'केरलाइट' शब्द का क्या होगा? उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि 'केरलमाइट' किसी सूक्ष्मजीव जैसा लगता है और 'केरलमियन' किसी दुर्लभ खनिज जैसा। मुख्यमंत्री केरल इस चुनावी उत्साह के परिणामस्वरूप नए शब्दों के लिए एक प्रतियोगिता शुरू करना चाहेंगे।

केरल का नाम बदलकर होगा केरलम

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने मंगलवार को हुई बैठक में केरल सरकार के राज्य का नाम बदलने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। यह निर्णय नवनिर्मित प्रधानमंत्री कार्यालय और कैबिनेट सचिवालय परिसर, सेवा तीर्थ में लिया गया पहला निर्णय है। यह कदम केरल विधानसभा द्वारा 24 जून, 2024 को सर्वसम्मति से पारित एक प्रस्ताव के बाद उठाया गया है, जिसमें केंद्र से संविधान की पहली अनुसूची में संशोधन करके उसमें 'केरलम' नाम को शामिल करने का आग्रह किया गया था।

राष्ट्रपति के पास भेजा जाएगा विधेयक

केंद्रीय मंत्रिमंडल की स्वीकृति के बाद, भारत के राष्ट्रपति केरल (नाम परिवर्तन) विधेयक, 2026 को केरल राज्य विधानसभा को संविधान के अनुच्छेद 3 के प्रावधान के तहत विचार-विमर्श हेतु भेजेंगे। केरल राज्य विधानसभा के विचार प्राप्त होने के बाद, भारत सरकार आगे की कार्रवाई करेगी। संसद में केरल राज्य का नाम बदलकर 'केरलम' करने हेतु केरल (नाम परिवर्तन) विधेयक, 2026 को प्रस्तुत करने के लिए राष्ट्रपति की अनुशंसा प्राप्त की जाएगी।

2016 में जब गुड़गांव का नाम बदलकर गुरुग्राम कर दिया गया, तो आरएसएस ने सुझाव दिया कि केंद्र सरकार को केरल का नाम बदलकर 'केरलम', अहमदाबाद का नाम बदलकर 'अमरावती', हैदराबाद का नाम बदलकर 'भाग्यनगर' और औरंगाबाद का नाम बदलकर 'संभाजीनगर' कर देना चाहिए।