
E20 Controversy: AAP के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने एथेनॉल मुद्दे पर केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी पर हमला बोला है। ट्विवटर हेंडल पर जारी एक बयान में केजरीवाल ने कहा कि मैंने 2-3 चैनलों पर केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी का एक इंटरव्यू देखा। वे इथेनॉल के मामले पर कुछ सफाई दे रहे थे। उन्होंने साफ कहा कि लोगों को कोई विकल्प नहीं दिया जाएगा।
उन्होने अपने बयान में कहा कि मेरा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मेरा यह कहना है कि ऐसा अहंकार ठीक नहीं है। यह तानाशाही है। जब करोड़ों लोग इसके खिलाफ आवाज उठा रहे हैं, तो एक जिम्मेदार सरकार का फर्ज है कि वह उनकी बात सुने। लोगों की बात सुनिए।
आप संयोजक अरविंद केजरीवाल आरोप लगाते हुए कहा कि देश में लोगों पर ई-20 पेट्रोल थोप कर मोदी सरकार ने पूरे देश को प्रयोगशाला समझ लिया है। सरकार लोगों को पेट्रोल में 20 फीसदी इथेनॉल मिलाकर बेच रही है। उन्होने एथेनॉल से गाड़ियां बंद होने और उनके पार्ट्स खराब होने का आरोप भी लगाया। वहीं माइलेज भी पहले की तुलना में करीब 30 फीसदी तक कम होने की शिकायत की।
ई-20 पेट्रोल मामले में अरविंद केजरीवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखने की बात कहते हुए देश के नागरिकों से ही सुझाव मांगे हैं। उन्होने कहा कि 20 फीसदी इथेनॉल ब्लेंडेड पेट्रोल को लेकर जनता में बढ़ रहा आक्रोश अब चरम सीमा की ओर बढ़ रहा है। 30 जून को केंद्र सरकार ने अटॉर्नी जनरल के माध्यम से सुप्रीम कोर्ट में यह कहा कि यह सिर्फ एक एक्सपेरिमेंट है और इसके नतीजों पर आगे का एक्शन निर्भर करेगा। जब यह खबर अगले दिन मीडिया में आई, तो केंद्र सरकार बिल्कुल मुकर गई। सरकार को इस भ्रम की स्थिति पर स्पष्टीकरण देना चाहिए।
अरविंद केजरीवाल ने सुप्रीम कोर्ट में अटार्नी जनरल की दी गई दलील का वीडियो क्लीप साझा कर कहा कि पहले केंद्र सरकार के अटार्नी जनरल ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि ये सिर्फ एक प्रयोग है, लेकिन बाद में केंद्र सरकार ने इससे इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि यदि एथेनॉल का प्रयोग करना ही है तो कुछ वाहनों में किया जा सकता है। इसके लिए हजारों गाड़ियों को क्यों खराब किया जा रहा है।