देशभर में कोरोना वायरस के रिकॉर्डतोड़ रोजाना नए मामले सामने आ रहे है। कोरोना के बढ़े केस की वजह से कई राज्यों की स्थिति बहुत ही चिंताजनक बनी हुई है। कोविड के खिलाफ बीते एक साल से टीकाकरण का अभियान चलाया जा रहा है। केंद्र सरकार ने हाल ही में वैक्सीन को लेकर नई गाइडलाइंस जारी की है।
Corona Vaccination: देशभर में कोरोना वायरस के रिकॉर्डतोड़ रोजाना नए मामले सामने आ रहे है। कोरोना के बढ़े केस की वजह से कई राज्यों की स्थिति बहुत ही चिंताजनक बनी हुई है। कोविड के खिलाफ बीते एक साल से टीकाकरण का अभियान चलाया जा रहा है। केंद्र सरकार ने हाल ही में वैक्सीन को लेकर नई गाइडलाइंस जारी की है। सरकार के अनुसार, संक्रमित पाए गए व्यक्तियों को करीब तीन महीने बाद टीकाकरण किया जाएगा। इसमें ‘एहतियाती’ खुराक को भी शामिल किया गया है। पहले 18 साल से ज्यादा के वैक्सीन लगाई जा रही थी। अब 15 से 18 साल के बीच के बच्चों को भी टीका लगाया जा रहा है।
कोरोना से ठीक होने के 3 महीने बाद लगेगी वैक्सीन
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव विकास शील ने वैक्सीन की नई गाइडलाइंस के बारे में सभी राज्यों और केंद्र शासित क्षेत्रों में पत्र भेज दिए है। विकाश शील ने कहा कि कृपया ध्यान दें कि जिन व्यक्तियों की जांच में कोविड-19 पॉजिटिव आई है। उन्हें ठीक होने के तीन महीने बाद वैक्सीन की खुराक दी जाएगी। इसमें एहतियाती खुराक भी शामिल है। उन्होंने कहा कि इस बारे में सभी संबंधित अधिकारी को सूचत कर दिया गया है, वे सभी इसका संज्ञान लें।
शरीर में 9 महीने तक बरकरार रहती है एंटी बॉडी
वैक्सीन लगवाने या कोरोना पॉजिटिव से ठीक होने के बाद कितने महीने तक एंटी बॉडी शरीर में मौजूद रहती है। इस बारे में आईसीएमआर के डीजी बलराम भार्गव विस्तार से जानकारी की है। बलराम भार्गव के अनुसार, कोरोना संक्रमित मरीज ठीक होने या वैक्सीन के दोनों डोज लेने के बाद 9 महीने तक एंटी बॉडी मौजूद रहती है। आईसीएमआर के डीजी के मुताबिक वैक्सीन से मिली इम्यूनिटी को लेकर भारत में भी स्टडी हुआ और ग्लोबल स्तर पर भी रिसर्च किया गया।