Drunk Driving Punishment: शराब पीकर बाइक चलाने वाले शख्स को अदालत ने ऐसा सजा सुनाया, जिसे जानकर आप हैरान हो जाएंगे। उसी सड़क पर उसे दोनों हाथों में… नीचे पढ़ें पूरी खबर।
Traffic Rule Violation: कभी आपने सुना है कि शराब पीकर बाइक चलाने पर किसी को जेल या जुर्माने की जगह सड़क किनारे खड़ा कर दिया जाए? कर्नाटक के चिक्कमगलुरु जिले में ऐसा ही एक अनोखा मामला सामने आया है, जिसने लोगों का ध्यान खींच लिया है। यहां एक युवक ने नशे में बाइक चलाई, लेकिन अदालत ने उसे पारंपरिक सजा देने के बजाय एक अलग ही तरीका अपनाया।
अदालत ने आदेश दिया कि वह कड़ी धूप में सड़क किनारे खड़ा होकर ट्रैफिक नियमों का बोर्ड हाथ में लेकर लोगों को जागरूक करे। अब वह खुद लोगों को बता रहा है कि नशे में वाहन चलाना कितना खतरनाक हो सकता है। यह सजा सिर्फ दंड नहीं, बल्कि समाज को जागरूक करने का एक संदेश भी है, ताकि लोग गलती दोहराने से पहले सोचें।
दरअसल, बिसालेहल्ली गांव के रहने वाले रंजीत कुमार को शराब पीकर मोटरसाइकिल चलाते हुए पकड़ा गया था। जब मामला कदूर की जेएमएफसी अदालत में पहुंचा, तो अदालत ने उसे सामान्य जुर्माना लगाने के बजाय एक अलग तरह की सजा दी।
अदालत ने रंजीत कुमार को सामुदायिक सेवा करने का आदेश दिया। इसके तहत उसे मंगलवार सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक मरावंजी सर्किल (मल्लेश्वर सर्किल) पर खड़े होकर ट्रैफिक नियमों से जुड़ा बोर्ड दिखाना था। सुनवाई के दौरान रंजीत ने अपनी गलती भी मान ली थी।
अदालत ने यह भी सुनिश्चित किया कि आदेश का सही से पालन हो। इसके लिए वहां पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया और शाम 5 बजे के बाद रिपोर्ट देने को कहा गया। आदेश के अनुसार रंजीत कुमार सड़क किनारे बोर्ड लेकर खड़ा दिखाई दिया और एक पुलिस अधिकारी उसकी निगरानी करता रहा।
गौरतलब है कि हाल ही में सुलिया में भी एक ऐसा ही मामला सामने आया था। जहां ट्रैफिक नियम तोड़ने वाले एक युवक को 15 दिनों तक बड़े चौराहों पर खड़े होकर सुरक्षा से जुड़ी तख्तियां पकड़ने की सजा दी गई थी। इसके साथ ही उस पर जुर्माना भी लगाया गया और उसका ड्राइविंग लाइसेंस तीन महीने के लिए सस्पेंड कर दिया गया।
इसके अलावा, अक्टूबर 2025 में उडुपी की एक अदालत ने भी अनोखी सजा दी थी। कोर्ट परिसर में नशे की हालत में बदतमीजी करने वाले तीन लोगों को शौचालय साफ करने का आदेश दिया गया था।