अन्ना यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर पर छात्रा से यौन उत्पीड़न और स्टॉकिंग का आरोप लगा है। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जांच शुरू कर दी है। घटना के बाद कैंपस में विरोध तेज हो गया है।
चेन्नई स्थित अन्ना यूनिवर्सिटी से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है। यहां एक प्रोफेसर पर छात्रा को स्टॉक करने और उसका यौन उत्पीड़न करने के आरोप लगे है। मामला सामने आने के बाद इसकी जांच शुरू हुई और पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी प्रोफेसर को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी की पहचान ए ग्नावेल बाबू के रूप में हुई है और उसे तिरुनेलवेली से पुलिस की स्पेशल टीम ने पकड़ा है। फिलहाल पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है।
छात्रा ने अपनी शिकायत में बताया कि प्रोफेसर लंबे समय से उसे फोन कॉल, आपत्तिजनक बातचीत और अश्लील मैसेज के जरिए परेशान कर रहा था। उसने कहा कि यह सिलसिला तब शुरू हुआ जब वह दूसरे वर्ष में थी और प्रोफेसर ने उसकी आर्थिक स्थिति जानकर इंटर्नशिप दिलाने का वादा किया। इसके बाद प्रोफेसर ने छात्रा से निजी बातचीत शुरू कर दी जो धीरे-धीरे वह उससे अश्लील बातें करने लगा। छात्रा के अनुसार प्रोफेसर ने कई बार पैसे देने की पेशकश भी की, जिससे मामला और गंभीर हो गया।
छात्रा की शिकायत के अनुसार तीसरे वर्ष में पहुंचने के बाद स्थिति और खराब हो गई। छात्रा ने आरोप लगाया कि प्रोफेसर ने उससे जबरन संपर्क बनाए रखा और उसकी पर्सनल लाइफ के बारे में भी गलत टिप्पणीयां की। उन्होंने उसके इनरवियर, पीरियड्स और शादी जैसे निजी विषयों पर चर्चा की, जो मानसिक रूप से परेशान करने वाला था। छात्रा ने यह भी कहा कि प्रोफेसर देर रात 10 बजे के बाद कॉल करते थे और ब्लॉक करने के बावजूद दोस्तों के माध्यम से संपर्क करने की कोशिश करते रहे। इन्हीं सब चीजों से परेशान होकर छात्रा ने आखिरकार पुलिस में इस मामले की शिकायत दी।
इस घटना के सामने आने के बाद यूनिवर्सिटी कैंपस में छात्रों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। उनका आरोप है कि पहले भी शिकायतें दी गई थीं लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। छात्रों ने प्रोफेसर को तुरंत हटाने और शिकायत निवारण प्रणाली में सुधार की मांग की है। यूनिवर्सिटी प्रशासन ने फिलहाल आरोपी प्रोफेसर को सस्पेंड कर दिया है और आंतरिक जांच शुरू कर दी है।
पुलिस ने इस मामले में तमिलनाडु महिला उत्पीड़न निषेध अधिनियम 1998 और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 78 के तहत केस दर्ज किया है। छात्रा ने सुरक्षित जांच की मांग की है ताकि अन्य पीड़ित भी सामने आ सकें। राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आई हैं, जहां नेताओं ने इस घटना पर चिंता जताते हुए यूनिवर्सिटी प्रशासन और सरकार से जवाबदेही की मांग की है। पुलिस का कहना है कि मामले की गहराई से जांच की जा रही है और अन्य संभावित पीड़ितों की पहचान भी की जाएगी।