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आंध्र प्रदेश में तबाही मचा ओडिशा पहुंचा चक्रवात मोंथा, अब तक ले चुका एक की जान

चक्रवात मोंथा ने आंध्र प्रदेश में भारी तबाही मचाने और 43,000 हेक्टेयर से अधिक फसलें डुबोने के बाद अब ओडिशा में लैंडफॉल किया है, जहां 11,000 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है और अगले 6 घंटों तक इसका असर रहेगा।
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Oct 29, 2025
Cyclone Montha
चक्रवात मोंथा (फोटो- एएनआई)

आंध्र प्रदेश में भारी तबाही मचाने के बाद, चक्रवात मोंथा अब ओडिशा पहुंच गया है। यह चक्रवात बुधवार सुबह आंध्र प्रदेश के काकीनाडा से होते हुए ओडिशा के गंजम जिले में समुद्र तट (गोपालपुरा बीच ) से टकराया। इसके कारण राज्य के 15 से अधिक जिलों में सामान्य जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। आंध्र प्रदेश और ओडिशा के साथ-साथ, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में भी इस तूफान का असर देखा जा रहा है। यहां 80 से 100 किलोमीटर प्रति घंटे (kmph) की रफ़्तार से हवाएं चल रही हैं। हालांकि, यह तूफान अब धीरे-धीरे कमजोर पड़ने लगा है, लेकिन मौसम विभाग के अनुसार, लैंडफॉल (तट से टकराने) के बावजूद अगले 6 घंटों तक इसका असर रहेगा।

आंध्र प्रदेश में फसलों को भारी नुकसान

यह चक्रवात मंगलवार शाम करीब सात बजे आंध्र प्रदेश के मछलीपट्टनम और कलिंगपट्टनम के बीच काकीनाडा से टकराया था। इस दौरान 100 kmph की गति से हवाएं चलीं, जिसके चलते पेड़ गिरने लगे। राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) की टीमों ने लोगों को रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। इसके चलते राज्य की 43,000 हेक्टेयर से ज़्यादा फसलें पानी में डूब गईं, जिससे 83,000 से ज़्यादा किसानों को नुकसान उठाना पड़ा। जानकारी के अनुसार, चक्रवात ने 292 मंडलों और 1,712 गांवों को प्रभावित किया है। मोंथा के कारण हो रही भारी बारिश से वेलिगल्लु प्रोजेक्ट के गेट खोलने पड़े। वहीं, कोनासीमा जिले के मकानगुडेम गांव में तेज़ हवाओं के चलते एक घर पर पेड़ गिर गया, जिसके नीचे दबकर घर में रहने वाली एक बुजुर्ग महिला की मौत हो गई। पेड़ उखड़ने की अन्य घटनाओं में दो अन्य लोगों के घायल होने की खबर भी सामने आई है।

ओडिशा में 11 हज़ार लोग सुरक्षित निकाले गए

यह तूफान अब ओडिशा के गोपालपुर बीच पर पहुंच गया है। इसके चलते समुद्र में ऊंची लहरें उठ रही हैं और 90-100 kmph की रफ़्तार से हवाएं चल रही हैं। मौसम विभाग के अनुसार, चक्रवात के चलते राज्य के गंजम, गजपति, रायगढ़ा, कोरापुट, मलकानगिरी, कंधमाल, कालाहांडी और नबरंगपुर समेत 8 जिलों में भारी बारिश के साथ तेज़ हवाएं चलने की संभावना है। सुरक्षा की दृष्टि से, रेस्क्यू टीमों ने इन राज्यों से 11 हज़ार लोगों को निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया है। स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए ओडिशा आपदा त्वरित कार्रवाई बल (ODRF) की 30 टीम और NDRF की 5 टीमें मौके पर तैनात हैं। राज्य के सीएम मोहन चरण माझी का कहना है कि उनकी सरकार इस तूफान का सामना करने के लिए पूरी तरह से तैयार है।

अन्य राज्यों में भी दिख रहा तूफान का प्रभाव

IMD के अनुसार, मुख्य रूप से प्रभावित चार राज्यों के अलावा केरल, कर्नाटक, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान और झारखंड में भी इस चक्रवात का असर देखने को मिल रहा है और इसके चलते अगले 3 दिन इन राज्यों में हल्की से भारी बारिश हो सकती है। चक्रवात के चलते तेलंगाना के हैदराबाद में भी मौसम में बदलाव देखने को मिले। राज्य के मौसम विभाग ने आज हैदराबाद समेत अन्य कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। राजस्थान के कई इलाकों में भी इस तूफान का असर देखने को मिल रहा है। इसके चलते कई जिलों में लगातार बारिश हो रही है।

Updated on:
29 Oct 2025 10:58 am
Published on:
29 Oct 2025 10:33 am
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