
पश्चिम बंगाल के सीईओ मनोज कुमार अग्रवाल । ( फोटो : ANI )
Chief Electoral Officer: पश्चिम बंगाल की कार्यवाहक मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के चुनाव आयोग के खिलाफ लगाए गए आरोपों से सियासत का पारा और गर्म हो गया है । पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) मनोज कुमार अग्रवाल ने ममता बनर्जी के शारीरिक रूप से प्रताड़ित किए जाने के दावे का मंगलवार को खंडन किया। अग्रवाल ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा,'मैंने जिला निर्वाचन अधिकारी से बात की और उन्होंने पुष्टि की कि ऐसी कोई घटना नहीं हुई। अगर ऐसी कोई घटना हुई होती तो शिकायत या एफआईआर दर्ज की जाती, लेकिन ऐसा कुछ नहीं किया गया।' अग्रवाल ने ममता बनर्जी की ओर से भाजपा के बजाय चुनाव आयोग के साथ अपने मतभेद के बारे में की गई टिप्पणी के जवाब में कहा, 'मैं उस संदर्भ की समीक्षा करूंगा जिसमें ममता बनर्जी ने यह बयान दिया था।' यह घटना बनर्जी की ओर से मंगलवार को भाजपा को निशाना बनाने और यह दावा करने के बाद सामने आई है कि वे विधानसभा चुनाव नहीं हारी हैं और अपना इस्तीफा देने के लिए राजभवन नहीं जाएंगी।
उन्होंने कहा था, "मैं इस्तीफा नहीं दूंगी, मैं हारी नहीं हूं, मैं राजभवन नहीं जाऊंगी। यह सवाल ही नहीं उठता। नहीं। अब मैं यह भी कहना चाहती हूं कि हम चुनाव हारे नहीं हैं। यह हमें हराने की उनकी कोशिश है। आधिकारिक तौर पर, चुनाव आयोग के माध्यम से वे हमें हरा सकते हैं, लेकिन नैतिक रूप से हमने चुनाव जीता है। " विधानसभा चुनाव के नतीजे घोषित होने के एक दिन बाद मीडिया से बातचीत करते हुए, जिसमें भाजपा को दो-तिहाई बहुमत मिला और तृणमूल कांग्रेस को 80 सीटें मिलीं, ममता बनर्जी ने भाजपा पर "गंदे, घिनौने और शरारती खेल" खेलने का आरोप लगाया।
ममता बनर्जी ने कहा था, 'दुख की बात है कि मुख्य चुनाव आयुक्त इस चुनाव में जनता के लोकतांत्रिक अधिकारों को लूटने और ईवीएम को लूटने के लिए खलनायक बन गए। क्या आप बता सकते हैं कि मतदान के बाद ईवीएम में 80-90% चार्ज होता है? यह कैसे संभव है? चुनाव से दो दिन पहले ही उन्होंने हमारे लोगों को गिरफ्तार करना शुरू कर दिया। उन्होंने हर जगह छापेमारी शुरू कर दी। उन्होंने सभी आईपीएस और आईएएस अधिकारियों को बदल दिया।'
उनका आरोप था, उन्होंने अपनी पार्टी के लोगों को चुना और भाजपा ने सीधे चुनाव आयोग के साथ मिलकर खेल खेला। यह भाजपा और चुनाव आयोग के बीच की मिलीभगत है। हमने हर तरह की साजिश का सामना किया। प्रधानमंत्री और गृह मंत्री भी इसमें शामिल हैं, सीधा हस्तक्षेप है। उन्होंने एसआईआर से 90 लाख नाम हटा दिए। जब हम अदालत गए, तो 32 लाख नाम शामिल किए गए। उन्होंने गंदे, घिनौने और धूर्ततापूर्ण खेल खेले। मैंने अपने जीवन में इस तरह का चुनाव कभी नहीं देखा," उन्होंने आगे कहा। भाबानीपुर विधानसभा क्षेत्र से चुनाव हारने वाली ममता बनर्जी ने मतगणना प्रक्रिया पर आरोप लगाए और कहा कि तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं की पिटाई की गई।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया था कि उनके साथ "बदसुलूकी की गई, मारपीट की गई और पेट में लात मारी गई" और सीसीटीवी बंद था। सोमवार को घोषित विधानसभा चुनावों में भाजपा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 207 सीटें जीतीं। पश्चिम बंगाल में पिछले 15 वर्षों से सत्ता में रही टीएमसी को 80 सीटें मिलीं। इस बीच, भाजपा पश्चिम बंगाल में अपनी पहली सरकार के शपथ ग्रहण समारोह की तैयारी कर रही है। ( इनपुट : ANI)
Updated on:
05 May 2026 08:14 pm
Published on:
05 May 2026 08:13 pm
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