
बंगाल की खाड़ी में उठे चक्रवाती तूफान मुरासु ने आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों की चिंता बढ़ा दी है। इसका असर अब हवाई यातायात पर भी दिखाई देने लगा है। विशाखापत्तनम में खराब मौसम के चलते IndiGo की उड़ान सेवाएं प्रभावित हुई हैं और यात्रियों को एयरपोर्ट पर अतिरिक्त इंतजार करना पड़ सकता है। समुद्र से उठ रहा यह तूफान जैसे-जैसे तट की ओर बढ़ रहा है, वैसे-वैसे प्रशासन और परिवहन सेवाओं की सतर्कता बढ़ती जा रही है।
भारी बारिश की संभावना को देखते हुए, चेन्नई और तिरुवल्लूर के अधिकारियों ने स्कूल और कॉलेज दोनों में छुट्टी घोषित कर दी है। IMD ने तेलंगाना के छह जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट और पाँच जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। लोगों को हिदायत दी गई है कि वे पूरी तैयारी रखेंमौसम कभी भी खराब हो सकता है।
मुरासु के और ताकतवर बनने की भी चर्चा है। आंध्र प्रदेश तट से टकराने से पहले ये तूफ़ान और गंभीर रूप ले सकता है। कहा जा रहा है कि यह 3 नवंबर की सुबह नेल्लोर और नरसापुर के बीच तट से टकराएगा। आंध्र प्रदेश पहले से ही साइक्लोन अर्नब से जूझ चुका है, ऐसे में ये नई मुसीबत किसी भी लिहाज से अच्छी खबर नहीं है।
आगे की बात करें तो, नवंबर में भारत के ज्यादातर हिस्सों में बारिश कम होगी और दिन गर्म रहेंगे। IMD प्रमुख मृत्युंजय महापात्रा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि अक्टूबर 2026 अब तक का सबसे गर्म अक्टूबर रहा, कम से कम औसत अधिकतम तापमान के हिसाब से, 1901 के बाद पहली बार।
इस साइक्लोन का असर लोगों ने महसूस करना शुरू कर दिया है। इंडिगो ने विशाखापट्टनम के लिए ट्रैवल एडवाइजरी जारी की है। यात्रियों को चेताया गया है कि खराब मौसम के चलते फ्लाइट्स में देरी हो रही है। अब चाहे जमीन हो या हवा का सफर, लोगों को ज्यादा इंतजार करना पड़ सकता है। एयरलाइन ने भी सबको सलाह दी है थोड़ा सब्र रखें, चीजें सुधर जाएंगी।
मौसम की मार केवल विशाखापत्तनम तक सीमित नहीं है। तमिलनाडु के चेन्नई एयरपोर्ट पर भी खराब मौसम के कारण 2 नवंबर को 11 उड़ानें रद्द होने की खबर है। इनमें विजयवाड़ा, राजमुंदरी, कडप्पा और तिरुचिरापल्ली से जुड़ी सेवाएं शामिल हैं। राजमुंदरी, विजयवाड़ा और तिरुपति जैसे हवाई अड्डों पर भी परिचालन प्रभावित होने की जानकारी सामने आई है।