
IMD Alert: बंगाल की खाड़ी के ऊपर बन रहा मौसमी सिस्टम और अधिक ताकतवर हो रहा है। इसके सोमवार तक चक्रवात में बदलने की संभावना है, जिसे देखते हुए तमिलनाडु और पुडुचेरी के नौ बंदरगाहों पर 'चक्रवात चेतावनी संकेत नंबर 1' (Cyclone Warning Signal No. 1) लगाया गया है। जिन बंदरगाहों पर यह शुरुआती चेतावनी जारी की गई है, उनमें चेन्नई, एन्नोर, कट्टुपल्ली, कुड्डालोर, थूथुकुडी, पंबन, नागपट्टिनम, पुडुचेरी और कराईकल शामिल हैं। यह संकेत तेज हवाओं के बीच जारी किया गया है। साथ ही, अगले दो दिनों में इस मौसमी सिस्टम के और अधिक तीव्र होने का अनुमान है।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, बंगाल की खाड़ी के मध्य और उससे सटे दक्षिण-पूर्वी हिस्से में बना कम दबाव का क्षेत्र शनिवार को और अधिक स्पष्ट (well-marked) हो गया है। रविवार तक इसके 'डिप्रेशन' और फिर 'डीप डिप्रेशन' में बदलने की उम्मीद है। इसके बाद, पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर बढ़ते हुए, सोमवार तक इसके चक्रवात में बदलने की संभावना है।
पूर्वानुमान के अनुसार, जैसे-जैसे यह बंगाल की खाड़ी से आंध्र प्रदेश के तट की ओर बढ़ेगा, यह और अधिक शक्तिशाली होता जाएगा। यह मौसमी सिस्टम 28 अक्टूबर की सुबह आंध्र प्रदेश के पास तट को पार कर सकता है। इसके संभावित रास्ते में बंगाल की खाड़ी का मध्य-पश्चिमी हिस्सा आता है। तट पार करने का सटीक समय और स्थान अभी भी पूर्वानुमान का हिस्सा हैं।
'संकेत नंबर 1' लगाना बंदरगाह चेतावनी प्रणाली का शुरुआती चरण है। यह बताता है कि मौसम में कुछ हलचल है और ऐसी स्थितियां बन रही हैं जो चक्रवात को जन्म दे सकती हैं। इससे बंदरगाहों का उपयोग करने वाले जहाजों और अन्य लोगों को बदलती स्थिति के बारे में जानकारी मिल जाती है।
हालांकि इस मौसमी सिस्टम के आसपास तेज हवाएं चल सकती हैं, लेकिन 'संकेत नंबर 1' का यह मतलब नहीं है कि जिस बंदरगाह पर यह लगा है, वह सीधे तौर पर प्रभावित होगा।
यह अंतर महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह संकेत केवल एक शुरुआती चेतावनी है, न कि बंदरगाह के लिए कोई तत्काल खतरा। बंदरगाह मौसम से जुड़े खतरों के अलग-अलग स्तरों को बताने के लिए 1 से 11 तक के चेतावनी संकेतों का उपयोग करते हैं।
ये क्रमांकित संकेत संभावित खतरे की प्रकृति और गंभीरता को दर्शाते हैं, जिससे समुद्र में बदलती स्थितियों की जानकारी एक तय दृश्य प्रणाली (visual system) के जरिए दी जा सकती है। इन चेतावनियों को दिखाने का तरीका दिन और रात के समय अलग-अलग होता है। दिन के उजाले में, बंदरगाहों पर तय संकेत दिखाने के लिए बांस से बनी शंकु के आकार की संरचनाओं का इस्तेमाल किया जाता है। अंधेरा होने के बाद, रंगीन बत्तियों के जरिए चेतावनी दी जाती है।