मां आईसीयू में भर्ती थी। डाक्टर उम्मीद छोड़ चुके थे। मां को जब यह पता चला तो उसने अपनी अंतिम इच्छा बताई। बेटी का जब यह इच्छा पता चली तो समय न गंवाते हुए आईसीयू के बाहर बेटी ने शादी कर ली। मां ने बेटी के हाथ पीले और मांग में सिंदूर देखा तो उनका चेहरा खुशी से खिल उठा। बेटी को आशीर्वाद देते हुए शादी के महज दो घंटे बाद लड़की की मां का निधन हो गया।
एक सरकारी अस्पताल एक अनोखी शादी का गवाह बना। आईसीयू में अपनी अंतिम सांसें ले रही मां ने अपने परिजनों के सामने हाथ जोड़कर अपनी अंतिम इच्छा बयान की। अंतिम इच्छा सुनकर सभी परिजन चौंक गए। मां की अंतिम इच्छा थी कि, उनकी बेटी चांदनी के हाथ तुरंत पीले हो जाए। और वो उसकी मांग में सिंदूर देख सके। बेटी की शादी जल्द से जल्द करा दें। यह इच्छा जब बेटी ने सुनीं तो वह मां की अंतिम इच्छा को पूरा करने को तुरंत तैयार हो गई। और आईसीयू में बेटी सात जन्मों तक साथ निभाने के वादे के साथ परिणय सूत्र में बंध गई। अब इस अनोखी शादी की चर्चा पूरे इलाके में हो रही है। शादी के महज दो घंटे बाद ही लड़की की मां का निधन हो गया।
मां की अंतिम इच्छा, बेटी के मांग में सिंदूर देखना
मामला बिहार के गया के मजिस्ट्रेट कॉलोनी स्थित एक निजी अस्पताल का है। जहां गुरारू प्रखंड के बाली गांव के रहने वाले ललन कुमार की पत्नी पूनम कुमारी वर्मा इलाजरत हैं। उनकी स्थिति गंभीर बताई जा रही है। चिकित्सक किसी भी स्थिति के लिए परिजनों को तैयार रहने की सलाह दे चुके थे। ऐसे में पूनम ने अपने परिजनों के सामने एक निवेदन किया कि उनकी अंतिम इच्छा है कि वे अपनी बेटी चांदनी के हाथ पीला और मांग में सिंदूर देख सके।
चांदनी की शादी हो चुकी थी तय
चांदनी की शादी गुरुआ थाना क्षेत्र के सलेमपुर गांव के रहने वाले विद्युत कुमार के पुत्र सुमित गौरव के साथ तय हो चुकी थी। दोनों की सगाई की रस्म के लिए 26 दिसंबर की तिथि निश्चित हुई थी।
लड़के के परिजन पूनम की अपनी अंतिम इच्छा सुन हुए सहमत
जब पूनम ने अपनी अंतिम इच्छा बताई तो इसकी जानकारी सुमित के परिजनों को दी गई। इसके बाद दोनों परिजनों ने आपसी सहमति से पूनम की अंतिम इच्छा पूरा करने के लिए अस्पताल में ही शादी करने का निश्चय कर लिया।
आईसीयू के बाहर सुमित और चांदनी ने रचाई शादी
इसके बाद अस्पताल में ही आईसीयू के बाहर सुमित गौरव और चांदनी ने शादी रचा ली। बताया गया कि बिना किसी तामझाम के वर वधू ने एक दूसरे को वरमाला पहनाई और फिर दोनों परिणय सूत्र में बंध गए। इस दौरान दोनों पक्षों के दो चार लोग उपस्थित थे।
बेटी ने पूरी की मां की इच्छा
शादी से खुश चांदनी कुमारी ने बताया कि, उनकी मां पूनम कुमारी वर्मा मगध मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में एएनएम के पद पर कार्यरत थीं और कोरोना काल से ही लगातार बीमार रह रही थी। वह हृदय रोग से पीड़ित थी। उन्होंने बताया कि मां की इच्छा रखने के लिए अस्पताल में शादी की।