
Attached Property: मुंबई में भगोड़े डॉन दाऊद इब्राहिम के भाई से जुड़े एक मामले में, प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने उन उपद्रवियों के खिलाफ FIR दर्ज की है, जिन्होंने ठाणे के एक फ्लैट में जबरन घुसपैठ की थी। यह फ्लैट इकबाल इब्राहिम कासकर के खिलाफ दर्ज जबरन वसूली (extortion) के मामले में पहले ही जब्त (attach) कर लिया गया था। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
अधिकारी ने एक बयान में बताया कि अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम (जो पाकिस्तान में हो सकता है) के छोटे भाई इकबाल कासकर के खिलाफ जबरन वसूली के मामले में मनी लॉन्ड्रिंग की जांच के दौरान, ED ने 2022 में इस फ्लैट को जब्त कर लिया था।
ED के मुंबई जोनल ऑफिस-I के कब्जे वाली 'पूरी तरह से जब्त की गई संपत्तियों' में घुसपैठ करने वाले उपद्रवियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के तौर पर यह FIR दर्ज की गई है। ED के अनुसार, प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA), 2002 के प्रावधानों के तहत ठाणे (पश्चिम) में एक फ्लैट का कब्जा वापस लेने के बाद, 15 अक्टूबर को यह FIR दर्ज की गई।
ED ने आगे कहा, जब्त की गई संपत्ति में कथित तौर पर बिना अनुमति घुसने और दखल देने के मामले में, ठाणे के कासरवडवली पुलिस स्टेशन में 15 अक्टूबर को भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 329(4) और 223 के तहत FIR दर्ज की गई है, ताकि मामले की जांच हो सके और घुसपैठियों को सजा मिल सके। इसमें बताया गया है कि इकबाल कासकर और अन्य लोगों के खिलाफ जबरन वसूली के मामले में मनी लॉन्ड्रिंग की जांच के दौरान, 8 अप्रैल 2022 के एक आदेश के जरिए इस संपत्ति को अस्थायी रूप से जब्त (provisional attachment) किया गया था।
बयान के अनुसार, बाद में 29 सितंबर 2022 को एडजुडिकेटिंग अथॉरिटी (Adjudicating Authority) ने PMLA की धारा 8(3) के तहत इस अस्थायी जब्ती को पक्का कर दिया था। इसके बाद, 17 दिसंबर 2024 को ED ने PMLA की धारा 8(4) के तहत इस फ्लैट का कब्जा भी ले लिया था। ठाणे के कासरवडवली पुलिस स्टेशन में दर्ज एक FIR के आधार पर ED ने जांच शुरू की। इस FIR में इकबाल कासकर, मुमताज एजाज शेख (उर्फ राजू), इसरार अली जमील सैयद और अन्य लोगों पर जबरन वसूली (extortion) के आरोप लगाए गए थे।
बयान में कहा गया है कि यह बात सामने आई कि कुछ लोग इस प्रॉपर्टी में घुस आए, ताला तोड़ दिया और वहां लगा ED का कब्जे का नोटिस (possession notice) हटा दिया। ED ने मौके का मुआयना किया और जब्त की गई प्रॉपर्टी की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाए।
यह मामला विशेष PMLA कोर्ट के सामने भी रखा गया, जिसने ED को निर्देश दिया कि ज़रूरत पड़ने पर पुलिस की मदद से प्रॉपर्टी का कब्जा वापस लिया जाए। ED ने बताया कि कोर्ट के आदेश का पालन करते हुए और प्रॉपर्टी की सुरक्षा के लिए, पुलिसकर्मियों और गवाहों की मौजूदगी में उस फ्लैट का ताला बदल दिया गया और फ्लैट का कब्जा वापस ले लिया गया।