Dawood Ibrahim: 1983 में आर्म्स एक्ट में अपराध दर्ज करने के लिए जिला कलेक्टर की मंजूरी का नियम था। इस मामले में जांच अधिकारी ने कलेक्टर की अनुमति नहीं ली थी
Dawood Ibrahim: अंडरवर्ल्ड डॉन और आतंकी दाऊद इब्राहिम को गुजरात की एक कोर्ट ने 41 साल पुराने मामले में बरी कर दिया। एक कार में 1983 में बिना लाइसेंस की रिवॉल्वर से गोली चलने से दाऊद इब्राहिम और हाजी इस्माइल घायल हो गया था। इसके बाद वडोदरा के सयाजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। यहां गुजरात पुलिस ने दाऊद के पास दो पिस्तौल और पांच रिवाल्वर बरामद किया गया था। उसके खिलाफ आम्र्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया। इसके बाद यह मामला वडोदरा की कोर्ट में चल रहा था। गुजरात की वडोदरा कोर्ट ने मामले में अंतिम दलीलों को सुनने के बाद दाऊद इब्राहिम को बरी करने का ऑर्डर पास किया है।
पुलिस की एक गलती के कारण बरी
अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम हो गुजरात की कोर्ट से पुलिस की एक गलती के कारण दाऊद इब्राहिम को बरी किया हुआ है। अतिरिक्त सिविल न्यायाधीश एसडी कपाड़िया ने अपने ऑर्डर में साफ टिप्पणी कि है कि जांच अधिकारी ने अपने कर्तव्य में लापरवाही बरती है। दरअसल, 1983 में आर्म्स एक्ट में अपराध दर्ज करने के लिए जिला कलेक्टर की मंजूरी का नियम था। इस मामले में जांच अधिकारी ने कलेक्टर की अनुमति नहीं ली थी। 11 जून 1983 को जाबुआ जीईबी सबस्टेशन के पास एक कार में बिना लाइसेंस की रिवॉल्वर से गोली चलने से हाजी इस्माइल के साथ घायल गया था। इस दौरान दाऊद इब्राहिम के पास से दो पिस्तौल और पांच रिवाल्वर बरामद किए गए थे।