दिल्ली बम धमाका मामले में पुलिस ने खुलासा किया है कि आरोपियों के पास धमाके में इस्तेमाल हुई कार के अलावा एक अन्य लाल रंग की Ford EcoSport कार भी थी। पुलिस ने इस कार को ढूंढने के लिए शहर में अलर्ट जारी किया है।
दिल्ली बम धमाका मामले में एक बड़ी अपडेट सामने आई है। मामले की जांच कर रही दिल्ली पुलिस की टीम ने दावां किया है कि आतंकियों के पास ब्लास्ट में इस्तेमाल की गई हुंडई आई 20 कार के अलावा एक और गाड़ी भी थी। इसी के चलते पुलिस ने एक लाल रंग की Ford EcoSport कार को ढूंढने के लिए पूरे शहर में अलर्ट जारी कर दिया है। दिल्ली के सभी पुलिस स्टेशनों, पुलिस चौकियों और बॉर्डर पर बने चेकपॉइंट्स को इस लाल कार को ढूंढने और उसकी तलाशी लेने के लिए सतर्क कर दिया गया है। दिल्ली पुलिस की पांच टीमें इस कार की तलाशी में जुट गई है। इसी के साथ उत्तर प्रदेश और हरियाणा पुलिस की टीमों को भी इस कार में बारें में सूचित करते हुए इसे ढूंढने में मदद करने को कहा गया है।
दिल्ली में सोमवार शाम करीब 6.52 बजे लाल किला मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर-1 के पास एक चलती कार में यह धमाका हुआ था। इस धमाके में अब तक 9 लोगों की मौत हो चुकी है और कई लोग अभी भी घायल है। इस ब्लास्ट में अमोनियम नाइट्रेट फ्यूल ऑयल का इस्तेमाल कर के एक हुंडई आई 20 कार में ब्लास्ट किया गया था। इसकी जांच के दौरान फरीदाबाद से संचालित एक वाइट कॉलर आंतकि मॉड्यूल का खुलासा हुआ, जिसमें डॉक्टर और प्रोफेसर जैसे कई पढ़े लिखे लोग शामिल थे।
यह समूह भारत में बड़े स्तर पर आतंकी हमले करने की साजिश रच रहा था। इसमें शामिल 7 डॉक्टरों समेत 13 लोगों को अब तक गिरफ्तार कर लिया गया है। इसका संचालन फरीदाबाद की अल फलाह यूनिवर्सिटी से किया जा रहा था और जम्मू-कश्मीर के पुलवामा और यूपी के सहारनपुर सहित कई इलाकों से भी इसके तार जुड़े हुए थे। 6 नवंबर को समूह के सदस्य डॉ. आदिल अहमद राठेर की गिरफ्तारी के बाद इस समूह का भंड़ाफोड़ हुआ, जिसके बाद 9 नवंबर को दिल्ली धमाकों से कुछ घंटे पहले फरीदाबाद से डॉ. मुजम्मिल शकील और डॉ. शाहीन सईद को पकड़ा गया।