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‘दिल्ली ब्लास्ट का तार बांग्लादेश से भी जुड़ा है, पीएम मोदी…’, शेख हसीना के बेटे ने किया बड़ा खुलासा

बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के बेटे साजिब वाजेद ने भारत को भेजे गए प्रत्यर्पण अनुरोध को अवैध बताया है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार इस अनुरोध का जवाब नहीं देगी और उन्हें भारतीय लोकतंत्र पर पूरा भरोसा है। वाजेद ने कहा कि उनकी मां की जान को खतरा था, इसलिए भारत ने उन्हें शरण दी।

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Nov 19, 2025
बांग्लादेश की पूर्व पीएम प्रधानमंत्री शेख हसीना। (फोटो- ANI)

बांग्लादेश की पूर्व पीएम प्रधानमंत्री शेख हसीना के बेटे साजिब वाजेद ने बांग्लादेश सरकार द्वारा भारत को भेजे गए प्रत्यर्पण अनुरोध पर जवाब दिया है। उन्होंने इसे अवैध बताया है। साथ ही यह विश्वास भी जताया है कि भारत इस पर कोई कार्रवाई नहीं करेगा।

वाजेद ने एएनआई से बात करते हुए कहा- मुझे लगता है कि भारत सरकार अच्छी तरह जानती है कि इस प्रत्यर्पण अनुरोध को कैसे संभालना है।

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मुझे नहीं लगता कि भारत सरकार इस तरह के अवैध अनुरोध का जवाब देगी। मुझे भारतीय लोकतंत्र और कानून के शासन में उसकी आस्था पर पूरा भरोसा है।

हसीना के बेटे ने भारत को किया आगाह

वाजेद ने नई सरकार के तहत बांग्लादेश में हो रहे घटनाक्रमों के बारे में भी भारत को आगाह किया। उन्होंने कहा- भारत को वास्तव में यूनुस सरकार को समर्थन देने पर चिंता होनी चाहिए।

यह जमात-ए-इस्लाम है, जो सबसे बड़ी इस्लामी पार्टी है। उन्होंने उन हजारों आतंकवादियों को रिहा किया है जिन्हें हमारी सरकार ने दोषी ठहराया था और जेल की सजा सुनाई थी। उन्होंने उन्हें रिहा कर दिया है।

वाजेद ने लगाया गंभीर आरोप

वाजेद ने आगे आरोप लगाया कि बांग्लादेश में चरमपंथी समूह पहले से कहीं ज्यादा आजादी से काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा-लश्कर-ए-तैयबा अब खुलेआम काम कर रहा है।

उन्होंने बड़ा खुलासा करते हुए कहा कि यह समूह बांग्लादेश से बाहर भी हिंसा करा रहा है। हाल ही में दिल्ली में हुए आतंकवादी हमलों के पीछे बांग्लादेश स्थित उनकी शाखा से संबंध पाए गए हैं।

पीएम मोदी को लेकर क्या बोले हसीना के बेटे?

उन्होंने कहा- प्रधानमंत्री मोदी इस समय बांग्लादेश से होने वाले आतंकवाद को लेकर शायद बहुत चिंतित हैं। बता दें कि बांग्लादेश अंतर्राष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण ने सोमवार को शेख हसीना और उनके करीबी सहयोगी पूर्व गृह मंत्री असदुज्जमां खान को मौत की सजा सुनाई है।

इसके अलावा, तीसरे आरोपी पूर्व पुलिस प्रमुख चौधरी अब्दुल्ला अल-मामून को पांच साल की जेल की सजा सुनाई है क्योंकि वह 2024 में जुलाई-अगस्त में हुए विद्रोह के दौरान मानवता के विरुद्ध अपराध करने का सरकारी गवाह बन गया था।

इससे पहले, बांग्लादेशी विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत ने शेख हसीना के संबंध में बांग्लादेश के अंतर्राष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण द्वारा सुनाए गए फैसले का संज्ञान लिया है और इस पर कहा कि भारत बांग्लादेश के लोगों के सर्वोत्तम हितों के लिए प्रतिबद्ध है।

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