
Delhi Pollution Control Plan: दिल्ली-NCR में बढ़ते प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए सोमवार को केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव की अध्यक्षता में अहम बैठक हुई। बैठक में सीएम रेखा गुप्ता, पीडब्लूडी मंत्री प्रवेश वर्मा और पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा शामिल हुए। बैठक में प्रदूषण की रोकथाम के लिए ठोस और कार्रवाई-आधारित योजना पर चर्चा की गई। साथ ही दिल्ली और एनसीआर के अलग-अलग क्षेत्रों की जिम्मेदारियों को लेकर भी मंथन हुआ।
बैठक के बाद दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने बताया कि प्रदूषण नियंत्रण के लिए कई स्तरों पर अभियान तेज किया जाएगा। उन्होंने कहा कि दिल्ली में लागू 'नो PUCC, नो फ्यूल' नीति को और सख्ती से लागू किया जाएगा।
मंत्री सिरसा ने कहा कि धूल और मिट्टी से होने वाले प्रदूषण को कम करने के लिए दिल्ली की सड़कों की हर 15 दिन में डीप क्लीनिंग की जाएगी। इसके लिए विशेष टीमें बनाई जाएंगी।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक वाहन में चार लोगों की टीम होगी, जिसमें दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (DPCC) और नगर निगम (MCD) के प्रतिनिधि शामिल होंगे। इस अभियान में दिल्ली पुलिस को भी जोड़ा जा रहा है।
दिल्ली के मंत्री सिरसा ने कहा कि 'जीरो बर्निंग' पहल के तहत इस बार ठंड से बचाव के लिए 'हीटिंग स्पॉट' बनाए जाएंगे। इसके लिए अस्थायी आश्रय स्थल तैयार किए जाएंगे, जहां लोगों के लिए गर्मी की व्यवस्था होगी।
उन्होंने कहा कि पहले हीटर वितरित किए गए थे, लेकिन इस बार अस्थायी शेल्टर में ही लोगों को ठंड से राहत देने की व्यवस्था की जाएगी।
सिरसा ने बताया कि दिल्ली में फिलहाल 588 इलेक्ट्रिक बसें चल रही हैं। जल्द ही 150 और इलेक्ट्रिक बसें बेड़े में शामिल की जाएंगी। सरकार का दावा है कि इससे प्रदूषण के साथ-साथ ट्रैफिक दबाव को कम करने में भी मदद मिलेगी।
मंत्री ने कहा कि दिल्ली में चिन्हित प्रदूषण और ट्रैफिक हॉटस्पॉट को लेकर व्यापक योजना तैयार की गई है। वह दिल्ली के सभी 11 जिलाधिकारियों (DM) के कार्यालयों का दौरा कर रहे हैं और हॉटस्पॉट के 3 किलोमीटर के दायरे में प्रदूषण फैलाने वाली गतिविधियों की समीक्षा की जा रही है।
इस दौरान श्मशान घाट, डंपिंग साइट और निर्माण एवं विध्वंस (C&D) कचरे से जुड़े स्थानों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। प्रशासन के माध्यम से इन स्थानों पर प्रदूषण नियंत्रण के उपाय किए जाएंगे।