
Delhi Lawyers Protest: दिल्ली में वकीलों के विरोध के बाद पुलिस विभाग ने ACP मनस्वी वशिष्ठ और इंस्पेक्टर अरुण कुमार का तबादला कर दिया है। शाहदरा पुलिस स्टेशन में वकीलों के साथ कथित बदसलूकी और उन्हें धमकाने के आरोपों के बाद मामला गरमा गया था।
वकीलों ने दोनों अधिकारियों को निलंबित करने की मांग की थी। इसके विरोध में दिल्ली की सभी जिला अदालतों के वकीलों ने 27 अक्टूबर को न्यायिक कामकाज से दूर रहने और विरोध मार्च निकालने का फैसला किया था।
यह पूरा मामला शाहदरा पुलिस स्टेशन में दर्ज FIR नंबर 0248/2026 से जुड़ा है। शिकायत के मुताबिक, एक वकील के सिर में गंभीर चोट लगी थी। इस मामले में वकील अमूल्य रतन ने शिकायत दर्ज कराई थी। वकीलों की समन्वय समिति का आरोप है कि पुलिस ने मामले में उचित कार्रवाई नहीं की।
समिति के मुताबिक, वकील मामले में कार्रवाई की मांग को लेकर जब शाहदरा पुलिस स्टेशन पहुंचे थे। उस समय ACP और SHO ने उन्हें भरोसा दिलाया कि मामले में नामजद लोगों को गिरफ्तार किया जाएगा। हालांकि, वकीलों का दावा है कि अगले दिन दोबारा थाने पहुंचने पर उन्हें पता चला कि आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया गया और उन्हें छोड़ दिया गया। इसके बाद वकीलों ने यह आरोप भी लगाया कि ACP मनस्वी वशिष्ठ ने अपनी रिवॉल्वर दिखाई और वहां मौजूद वकीलों को डराया-धमकाया।
इसके बाद वकीलों ने मिलकर ACP और SHO को निलंबित करने की मांग की थी। समिति का कहना था कि मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और वकीलों की सुरक्षा व सम्मान का ध्यान रखा जाना चाहिए। विरोध के चलते दिल्ली की सभी जिला अदालतों के वकीलों ने 27 अक्टूबर को न्यायिक कामकाज से दूर रहने का फैसला किया था।
अब इसके बाद वकीलों के बढ़ते दबाव, अनिश्चित कालीन हड़ताल की चेतावनी और विरोध मार्च की घोषणा को देखते हुए दिल्ली पुलिस प्रशासन ने स्थिति को शांत करने के लिए ACP मनस्वी वशिष्ठ और इंस्पेक्टर अरुण कुमार का तत्काल प्रभाव से तबादला (Transfer) कर दिया।