
Delhi Police: देशभर में प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक के बढ़ते मामलों पर सख्ती दिखाते हुए दिल्ली पुलिस ने बड़ा कदम उठाया है। 'पब्लिक एग्जामिनेशन (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024' के तहत क्राइम ब्रांच में एक स्पेशल टास्क फोर्स (STF) का गठन किया गया है। यह विशेष टीम UPSC, SSC, RRB, IBPS, NTA समेत अन्य संस्थाओं द्वारा आयोजित परीक्षाओं में पेपर लीक, नकल और अन्य परीक्षा अपराधों की जांच करेगी। साथ ही मामलों की त्वरित सुनवाई सुनिश्चित करने के लिए एजेंसियों के साथ समन्वय भी करेगी।
शुक्रवार को जारी दिल्ली पुलिस के सर्कुलर के अनुसार, पुलिस आयुक्त की मंजूरी के बाद गठित इस एसटीएफ की कमान क्राइम ब्रांच के उप पुलिस आयुक्त (DCP) रैंक के अधिकारी को सौंपी गई है। यह टीम पब्लिक एग्जामिनेशन (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024 के तहत दर्ज मामलों की जांच करेगी।
नई एसटीएफ उन परीक्षाओं से जुड़े अपराधों की जांच करेगी, जिनका आयोजन देश की प्रमुख केंद्रीय भर्ती एजेंसियां करती हैं। इनमें संघ लोक सेवा आयोग (UPSC), कर्मचारी चयन आयोग (SSC), रेलवे भर्ती बोर्ड (RRB), इंस्टीट्यूट ऑफ बैंकिंग पर्सोनल सिलेक्शन (IBPS), नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के अलावा केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालय, विभाग और उनके अधीन भर्ती करने वाली इकाइयां शामिल हैं।
इसके अलावा केंद्र सरकार समय-समय पर जिन अन्य संस्थाओं को नोटिफाई करेगी, उनकी परीक्षाएं भी एसटीएफ के अधिकार क्षेत्र में आएंगी।
एसटीएफ केवल जांच तक सीमित नहीं रहेगी। दिल्ली पुलिस के मुताबिक, यह इकाई एजेंसियों के साथ समन्वय कर अदालतों में मामलों की त्वरित सुनवाई सुनिश्चित करेगी। उद्देश्य यह है कि परीक्षा अपराधों से जुड़े मामलों की रोजाना सुनवाई हो और उनका जल्द सुनवाई किया जा सके।
एसटीएफ के प्रशासनिक नियंत्रण और समग्र निगरानी की जिम्मेदारी क्राइम ब्रांच के स्पेशल कमिश्नर ऑफ पुलिस के पास होगी। वे जांच और अभियोजन की प्रक्रिया को प्रभावी बनाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करेंगे।
दिल्ली पुलिस के अधिकारियों के अनुसार, इस विशेष इकाई का उद्देश्य परीक्षा से जुड़े अपराधों की तेज और प्रभावी जांच सुनिश्चित करना है। साथ ही पेपर लीक, नकल और भर्ती परीक्षाओं में धोखाधड़ी करने वाले संगठित गिरोहों के खिलाफ सख्त कार्रवाई को और मजबूत करना भी इसका प्रमुख लक्ष्य है।