
Delhi Building Collapse: दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में रविवार को ढह गई। इस हादसे में सात लोगों की मौत हो गई। हादसे के बाद एक रेंट एग्रीमेंट की कॉपी सामने आई है। जिसके बाद कई गंभीर सवाल भी खड़े हो रहे है। दरअसल, रेंट एग्रीमेंट में लिखा था- किसी भी जनहानि या जोखिम की स्थिति के लिए PG प्रबंधन जिम्मेदार नहीं होगा।
हादसे के बाद पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत FIR दर्ज की है। वहीं, पुलिस ने इमारत के मालिक हरिराम के खिलाफ लुक आउट सर्कुलर (LOC) जारी किया। सोमवार को पुलिस ने इमारत के मालिक हरिराम को राजस्थान के भिवाड़ी से गिरफ्तार कर लिया।
हादसे के बाद इमारत की जर्जर हालत और वहां चल रहे मरम्मत कार्य को भी जांच के दायरे में रखा गया है। वहीं बीजेपी विधायक अनिल शर्मा ने कहा कि इस इमारत के बेसमेंट या ग्राउंड फ्लोर में मरम्मत का काम चल रहा था। उनका आरोप है कि मरम्मत के दौरान एक या दो लोड-बेयरिंग दीवारों से छेड़छाड़ या उन्हें हटाया गया हो सकता है, जिससे इमारत की संरचनात्मक मजबूती प्रभावित हुई।
हादसे पर दिल्ली के मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि दिल्ली प्रशासन के स्तर पर अब तक की सबसे कड़ी कार्रवाई की गई है। जूनियर इंजीनियर (JE) से लेकर असिस्टेंट इंजीनियर (AE), सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर (SE) और यहां तक कि जोनल डिप्टी कमिश्नर तक के अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है। साफ संदेश दिया गया है कि अवैध गतिविधियों या भवन निर्माण नियमों के उल्लंघन के मामले में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उन्होंने कहा कि निर्माणाधीन इमारतों, खासकर बहुमंजिला इमारतों, को लेकर भी निगम आयुक्त को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। यदि किसी इलाके में इस तरह का निर्माण दिखाई देता है, तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि इमारत के मालिक को गिरफ्तार कर लिया गया है। दिल्लीभर में बिना अनुमति बनाए गए पांचवीं मंजिल वाले भवनों को तत्काल सील करने के आदेश दिए गए हैं। आसपास के पीजी और अन्य इमारतों की भी गहन जांच की जा रही है। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर सील करने समेत सख्त कार्रवाई की जाएगी।