
BNSS Section 163: नई दिल्ली जिले में अब सार्वजनिक जमावड़े को लेकर पुलिस की पाबंदियां सख्त हो गई हैं। दिल्ली पुलिस ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू होने की जानकारी दी है। इसका सीधा असर सभा, जुलूस और प्रदर्शन जैसी गतिविधियों पर पड़ेगा। खास तौर पर संसद और आसपास के संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए बिना लिखित अनुमति जुटने पर कार्रवाई का प्रावधान रखा गया है।
पुलिस की ओर से जारी सूचना में नागरिकों, आगंतुकों और अन्य संबंधित लोगों से किसी भी अनधिकृत जमावड़े या प्रतिबंधित गतिविधि से दूर रहने को कहा गया है। आदेश का उल्लंघन करने पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 223 और अन्य लागू कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई हो सकती है।
धारा 163 लागू किए जाने की पृष्ठभूमि में संसद के मानसून सत्र और राजधानी में प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर सुरक्षा तैयारियां भी अहम हैं। जुलाई 2026 में दिल्ली पुलिस ने स्पष्ट किया था कि संसद की ओर प्रस्तावित एक मार्च के लिए न तो अनुमति मांगी गई थी और न ही पुलिस ने मंजूरी दी थी। इसी दौरान नई दिल्ली जिले में सुरक्षा बढ़ाने, बैरिकेडिंग और निगरानी मजबूत करने की जानकारी सामने आई थी।
यहां यह समझना जरूरी है कि धारा 163 BNSS, 2023 के तहत जारी होने वाला प्रावधान है और इसे पुराने दंड प्रक्रिया संहिता (CrPC) की धारा 144 के स्थान पर लाया गया है। इसका इस्तेमाल ऐसे हालात में प्रतिबंध लगाने के लिए किया जा सकता है, जब प्रशासन को सार्वजनिक शांति, सुरक्षा या व्यवस्था को लेकर आशंका हो।
पहले जारी दिल्ली पुलिस के सार्वजनिक परामर्श में जंतर-मंतर रोड के निर्धारित प्रदर्शन स्थल को अलग रखा गया था, लेकिन वहां भी गतिविधियों के लिए पूर्व अनुमति जरूरी बताई गई थी। यानी धारा 163 का मतलब यह नहीं है कि हर जगह और हर परिस्थिति में सभी प्रकार की गतिविधियां स्वतः प्रतिबंधित हो जाती हैं; आदेश में तय क्षेत्र और अनुमति की शर्तें महत्वपूर्ण हैं।
ध्यान दें: धारा 163 के तहत प्रतिबंधों की वास्तविक सीमा संबंधित पुलिस आदेश में निर्धारित क्षेत्र, अवधि और अनुमति की शर्तों पर निर्भर करती है। इसलिए किसी सभा या कार्यक्रम में शामिल होने से पहले दिल्ली पुलिस की ताजा आधिकारिक सूचना देखना जरूरी है।