
Delhi SIR 2026: चुनाव कार्यालय ने मतदाता सूची के चल रहे स्पेशल इंटेंसिव रिविन 2026 के दौरान भारत के चुनाव आयुक्त डॉ. सुखबीर सिंह संधू को जारी नोटिस के बारे में अपना आधिकारिक रुख स्पष्ट किया है। नई दिल्ली जिला चुनाव कार्यालय और दिल्ली कैंट विधानसभा क्षेत्र (AC-38) के निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (ERO) ने एक प्रेस नोट जारी कर बताया कि यह नोटिस किसी विवाद के कारण जारी नहीं किया गया था, बल्कि पिछली मतदाता सूची के साथ क्रॉस-वेरिफिकेशन के दौरान एक तकनीकी त्रुटि और नाम में अंतर का पता चलने के कारण तय प्रशासनिक नियमों के तहत भेजा गया था।
दिल्ली कैंट के निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी के अनुसार, स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन 2026 के दौरान डॉ. एसएस संधू के वोटर डिटेल्स में पिछली मतदाता सूची और हाल ही में भरे गए एन्यूमरेशन फॉर्म के डेटा के बीच नाम में अंतर देखा गया था। भारत निर्वाचन आयोग (ECI) की स्थापित मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) के तहत ऐसे सभी मतदाताओं को नोटिस जारी किए जाते हैं जिनका डेटा पिछली सूची से मेल नहीं खाता है या जिनमें कोई तार्किक व तकनीकी अंतर नजर आता है। यह पूरी प्रक्रिया तय नियमों के तहत ऑटो जेनरेटेड रूटीन सत्यापन का हिस्सा थी।
14 मई 2026 की निर्वाचन आयोग की गाइडलाइंस का हवाला देते हुए चुनाव कार्यालय ने स्पष्ट किया कि न्यायपालिका के सदस्यों, जन प्रतिनिधियों, संवैधानिक या घोषित पदों पर आसीन व्यक्तियों, साथ ही कला, संस्कृति, खेल, पत्रकारिता और जन सेवा के क्षेत्रों की प्रमुख हस्तियों के नाम ड्राफ्ट मतदाता सूची में पहले से शामिल रखे गए हैं। इसका उद्देश्य यह रहता है कि दावा और आपत्ति अवधि के दौरान उनसे आवश्यक दस्तावेज लेकर रिकॉर्ड को दुरुस्त किया जा सके।
ऐसे नोटिस मिलने पर मतदाताओं द्वारा दिए गए जवाबों और दस्तावेजों की जांच संबंधित बूथ स्तर के अधिकारी (BLO) द्वारा की जाती है। ऐसे सभी मामलों का समाधान 29 अक्टूबर 2026 तक किया जाना है।
निर्वाचन कार्यालय के अनुसार, चुनाव आयुक्त डॉ. एस.एस. संधू द्वारा जमा किए गए सभी तथ्यों, विवरणों और आवश्यक दस्तावेजों का गहन और उचित सत्यापन कर लिया गया है। उनके वोटर रजिस्ट्रेशन को वैलिडेट कर दिया गया है और दिल्ली कैंट विधानसभा क्षेत्र की अंतिम वोटर लिस्ट में उनका नाम शामिल करने के लिए सुरक्षित कर लिया गया है। यह लिस्ट आधिकारिक तौर पर 4 नवंबर 2026 को जारी की जाएगी।