
Swaroop Nagar Murder Case: एक आरोपी ने पूछताछ में दावा किया है कि वह लड़की पर हुए यौन हमले में शामिल नहीं था, लेकिन हत्या में उसकी भूमिका थी। पुलिस उसके बयान की सच्चाई दूसरे सबूतों से मिलाकर देख रही है। 50 से ज्यादा CCTV कैमरों की पड़ताल और एक टेंपो की आवाजाही ने जांच को आरोपियों तक पहुंचाया।
दिल्ली के स्वरूप नगर में 16 वर्षीय लड़की की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत की जांच में एक अहम मोड़ सामने आया है। पुलिस की पूछताछ में पकड़े गए चार आरोपियों में से एक ने दावा किया कि उसने केवल हत्या में साथ दिया था और घटना के दूसरे हिस्से में उसकी भूमिका नहीं थी। हालांकि पुलिस इस बयान को अंतिम सच नहीं मान रही है। CCTV, फोरेंसिक सामग्री, बरामद हथियार और आरोपियों के अलग-अलग बयानों से पूरी कड़ी जोड़ने की कोशिश जारी है।
मामला 12 सितंबर की रात का बताया जा रहा है। पुलिस के मुताबिक, किशोरी एक परिचित लड़के से मिलने गई थी। जांच में सामने आया कि उसके बाद कुछ अन्य युवक भी वहां पहुंचे। पुलिस का कहना है कि सभी एक सामान ढोने वाले टेंपो में सवार हुए थे। पूछताछ में शराब पीने की बात भी सामने आई है। इसके बाद किशोरी के साथ कथित तौर पर जबरदस्ती की गई और उस पर चाकू से कई वार किए गए।
अगली सुबह कुशक रोड के पास खुले मैदान में शव मिलने की सूचना पुलिस को मिली। शुरुआती जांच में शरीर पर कम से कम आठ चाकू के घाव पाए गए। पहचान स्पष्ट होने में भी समय लगा। मामले में भारतीय न्याय संहिता और पॉक्सो कानून की संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है।
इस मामले में सबसे बड़ी चुनौती यह थी कि मौके पर कोई स्पष्ट चश्मदीद सामने नहीं आया था। पुलिस ने आसपास के रास्तों और घटनास्थल को कवर करने वाले 50 से अधिक CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली। इसी दौरान संदिग्ध समय के आसपास एक टेंपो दिखाई दिया।
रात के अंधेरे के कारण नंबर साफ नहीं दिखा, लेकिन जांचकर्ताओं ने अलग-अलग कैमरों में उसकी आवाजाही को जोड़कर रास्ता तैयार किया। स्थानीय स्तर पर की गई पूछताछ से मिले सुराग भी फुटेज से मिलाए गए। आखिरकार टेंपो स्वरूप नगर की खड्डा कॉलोनी में मिला। चालक से पूछताछ के बाद पुलिस चार युवकों तक पहुंची। इनमें एक 19 वर्षीय युवक और तीन नाबालिग हैं।
पुलिस के मुताबिक, चारों की भूमिका एक जैसी नहीं मानी जा रही है। तीन संदिग्धों पर लड़की के साथ जबरदस्ती करने का आरोप है, जबकि चौथे ने कथित तौर पर कहा कि वह उस हिस्से में शामिल नहीं था और केवल हत्या में उसकी भूमिका रही।
पुलिस इस दावे को स्वतंत्र सबूतों से परख रही है। घटनास्थल से कथित तौर पर दो चाकू, आरोपियों के कपड़े और टेंपो बरामद किया गया है। फोरेंसिक जांच के जरिए यह पता लगाने की कोशिश हो रही है कि किस व्यक्ति की घटनाक्रम में क्या भूमिका थी।
दिल्ली पुलिस की जांच का अगला फोकस घटनाओं का सही क्रम तय करने और प्रत्येक आरोपी की व्यक्तिगत भूमिका स्पष्ट करने पर है। पुलिस यह भी देख रही है कि मामले में चारों के अलावा कोई अन्य व्यक्ति शामिल था या नहीं। अधिकारियों के अनुसार CCTV और तकनीकी जांच के साथ फोरेंसिक साक्ष्यों का मिलान किया जा रहा है।