
दिल्ली हाई कोर्ट। (फोटो सोर्स- ANI)
दिल्ली हाईकोर्ट ने ब्रिटिश नागरिक जगतार सिंह जोहल को सात यूएपीए मामलों में जमानत दे दी है। जोहल पर खालिस्तान लिबरेशन फोर्स (केएलएफ) से जुड़ी अंतरराष्ट्रीय साजिश और टारगेटेड किलिंग्स का आरोप है। पंजाब पुलिस ने उन्हें 2017 में गिरफ्तार किया था।
पुलिस के मुताबिक, जोहल केएलएफ नामक संगठन से जुड़े थे। आरोप है कि इस संगठन ने भारत में कई टारगेटेड किलिंग्स की साजिश रची थी। इनमें हिंदू नेताओं, पुलिसकर्मियों और अन्य लोगों को निशाना बनाने की बात कही गई। जांच एजेंसियों ने इसे ट्रांसनेशनल कंस्पिरेसी यानी सीमा पार साजिश बताया।
जोहल पर यूएपीए के तहत कई मामले दर्ज किए गए थे। अब दिल्ली हाईकोर्ट ने सात मामलों में जोहल को जमानत दे दी है। अदालत ने शायद इस बात पर गौर किया कि वे लंबे समय से हिरासत में हैं। जमानत की शर्तों के बारे में विस्तृत जानकारी अभी सार्वजनिक नहीं हुई है। लेकिन फैसला आते ही यह खबर चर्चा में आ गई।
पुलिस के अनुसार, जोहल पर आरोप है कि उन्होंने विदेश से बैठकर साजिश रची। केएलएफ को खालिस्तान समर्थक संगठन माना जाता है। आरोपों में कहा गया कि कई हत्याओं का प्लानिंग जोहल और उनके साथियों ने किया।
पंजाब में 2016-17 के आसपास हुई कुछ हत्याओं को इनसे जोड़ा गया था। हालांकि, जोहल ने इन आरोपों से इनकार किया है। उनके समर्थक दावा करते हैं कि वे निर्दोष हैं और राजनीतिक कारणों से उन्हें फंसाया गया।
लगभग नौ साल जेल में रहने के बाद जोहल को यह जमानत मिली है। यूएपीए के मामले आमतौर पर सख्त होते हैं। ऐसे मामलों में जमानत मिलना आसान नहीं होता। अदालत ने सबूतों और अन्य पहलुओं को देखते हुए यह फैसला लिया होगा। अब जोहल को जमानत की शर्तों का पालन करना होगा।
जमानत मिलने के बाद जोहल की रिहाई की प्रक्रिया शुरू होगी। लेकिन मुकदमे अभी चल रहे हैं। पुलिस और जांच एजेंसियां अपील कर सकती हैं। यह मामला भारत-ब्रिटेन संबंधों और खालिस्तान मुद्दे से भी जुड़ा रहा है। ब्रिटिश सरकार पहले भी उनके मामले में दिलचस्पी दिखा चुकी है।
Updated on:
18 Sept 2026 11:52 am
Published on:
18 Sept 2026 11:52 am
