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वकील से तू-तू-मैं-मैं के बाद जज का तबादला, दिल्ली हाई कोर्ट ने जारी किया आदेश

दिल्ली की रोहिणी कोर्ट में जज और वकीलों के बीच हुए विवाद के बाद दिल्ली हाईकोर्ट ने बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया है। हाईकोर्ट ने संबंधित जिला जज राकेश कुमार का तत्काल प्रभाव से तबादला कर दिया है।
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नई दिल्ली

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Dinesh Dubey

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Updated: 18 May 2026, 8:12 AM IST

Delhi High Court CBSE On Screen Marking

CBSE के ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम पर उठे सवाल, दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र और बोर्ड को भेजा नोटिस (Photo: ANI)

दिल्ली की रोहिणी कोर्ट से एक बेहद हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां कोर्ट रूम के भीतर ही जज और वकील के बीच मर्यादा की सारी हदें पार हो गईं। रोहिणी कोर्ट में सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस इस कदर बढ़ गई कि हाथापाई तक की नौबत आ गई। हालांकि इसके बाद वकीलों के भारी विरोध और हड़ताल की चेतावनी के बाद दिल्ली हाई कोर्ट ने विवादों में घिरे जज का ट्रांसफर कर दिया है।

इस संबंध में दिल्ली हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल अरुण भारद्वाज ने रविवार शाम आदेश जारी किया। जिला जज राकेश कुमार-V को अब दिल्ली ज्यूडिशियल अकादमी के निदेशक के साथ अटैच किया गया है। वहीं न्यायिक अधिकारी धीरज मित्तल को अकादमी से रोहिणी कोर्ट में जिला जज-4 के पद पर भेजा गया है।

यह फैसला ऐसे समय में आया है जब दिल्ली की जिला अदालतों के वकीलों ने जज के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था और सोमवार को हड़ताल का ऐलान कर दिया गया था।

बार एसोसिएशन ने उठाई थी तबादले की मांग

दरअसल, रोहिणी कोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष एडवोकेट राजीव तहलान (Advocate Rajiv Tehlan) और जिला जज राकेश कुमार-V के बीच अदालत की कार्यवाही के दौरान तीखा विवाद हो गया था। इस घटना के बाद दिल्ली की सभी जिला बार एसोसिएशनों की कोऑर्डिनेशन कमेटी ने जज के तत्काल तबादले की मांग की थी।

रविवार को जारी सर्कुलर में कोऑर्डिनेशन कमेटी ने कहा कि 16 मई को अदालत की कार्यवाही के दौरान जज द्वारा एक अधिवक्ता के साथ किया गया व्यवहार बेहद आपत्तिजनक और गरिमा के खिलाफ था।

कमेटी ने मांग की थी कि जज राकेश कुमार को तुरंत रोहिणी कोर्ट से हटाया जाए, उनसे सभी न्यायिक कार्य वापस लिए जाएं और उनके आचरण की जांच शुरू की जाए।

सोमवार को जिला अदालतों में हड़ताल का ऐलान

कोऑर्डिनेशन कमेटी के महासचिव एडवोकेट विजय बिश्नोई ने सभी वकीलों से सोमवार को काम से दूर रहने और एकजुटता दिखाने की अपील की थी। वहीं कमेटी के समन्वयक एडवोकेट तरुण राणा ने कहा कि दिल्ली हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखकर जज के खिलाफ कार्रवाई और तत्काल तबादले की मांग की गई थी।

क्या है पूरा विवाद?

दिल्ली के रोहिणी कोर्ट से सामने आया यह मामला न्यायपालिका की गरिमा पर सवाल खड़े करने वाला है। जानकारी के अनुसार, एक मामले की सुनवाई के दौरान जज और वकील के बीच किसी मुद्दे को लेकर बहस शुरू हुई थी। देखते ही देखते माहौल इतना तनावपूर्ण हो गया कि आपत्तिजनक शब्द तक कहे गए।

बताया जा रहा है कि विवाद के दौरान वकील ने जज को ‘नशेड़ी’ तक कह दिया। स्थिति हाथापाई तक पहुंचने वाली थी, लेकिन कोर्ट स्टाफ ने बीच-बचाव कर मामला शांत कराया। जिस वकील के साथ विवाद हुआ, वह रोहिणी कोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष भी हैं।