Traffic Police: हाल ही में दो ऐसे मामले सामने आए हैं। दिल्ली कैंट थाने में 3 जनवरी को और कापसहेड़ा थाने में 5 जनवरी को गलत दिशा में ड्राइविंग के मामलों में FIR दर्ज की गई है।
Wrong Side Driving FIR: आज के समय में हर शहर में ट्रैफिक की गंभीर समस्या है। सभी को जल्दी रहती है—किसी को दफ्तर पहुंचना है तो किसी को स्कूल। कई बार समय बचाने और जाम से छुटकारा पाने के लिए लोग शॉर्टकट ले लेते हैं। लंबा चक्कर लगाने की बजाय कुछ लोग रॉन्ग साइड (Wrong Side Driving) ही गाड़ी लेकर चल पड़ते हैं। वे सोचते हैं कि पकड़े गए तो चालान भर देंगे, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। देश की राजधानी दिल्ली में पुलिस ने पहली बार रॉन्ग साइड ड्राइविंग को केवल ट्रैफिक उल्लंघन न मानकर 'अपराध' माना है और FIR दर्ज की है। अब सड़क पर उल्टी दिशा में गाड़ी चलाने का मतलब सीधा थाने और कोर्ट के चक्कर लगाना होगा।
'द इंडियन एक्सप्रेस' की रिपोर्ट के अनुसार, हाल ही में दो ऐसे मामले सामने आए हैं। दिल्ली कैंट थाने में 3 जनवरी को और कापसहेड़ा थाने में सोमवार (5 जनवरी) को गलत दिशा में ड्राइविंग के मामलों में FIR दर्ज की गई है। दोनों ही मामलों में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 281 (लापरवाह ड्राइविंग) और मोटर वाहन अधिनियम की धाराओं के तहत केस दर्ज हुआ है। ट्रैफिक पुलिस के असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर की शिकायत पर स्थानीय थाने ने यह FIR दर्ज की है।
चालान के बजाय FIR दर्ज करने पर दिल्ली ट्रैफिक पुलिस का बयान सामने आया है। पुलिस के मुताबिक, गलत दिशा में गाड़ी चलाने के मामलों में जबरदस्त इजाफा हुआ है। बीते वर्ष 2025 में ऐसे 3,05,843 मामले सामने आए, जिनमें से 1,78,448 चालान काटे गए और 1,27,395 मामलों में नोटिस भेजे गए। वहीं, 2024 में यह आंकड़ा 2,49,210 था। पुलिस का कहना है कि अब लोगों के मन में केवल चालान का डर नहीं रहा है, इसलिए सख्त कार्रवाई जरूरी है।
आपको बता दें कि अब तक रॉन्ग साइड ड्राइविंग पर केवल 5,000 रुपये का जुर्माना वसूला जाता था। लेकिन अब FIR दर्ज होने पर भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 281 के तहत 6 महीने तक की जेल, 1,000 रुपये जुर्माना या दोनों सजाएं हो सकती हैं। इसके साथ ही वाहन भी जब्त किया जाएगा। हालांकि यह अपराध जमानती है, लेकिन आरोपी को थाने और कोर्ट की कानूनी कार्यवाही का सामना करना पड़ेगा।
पुलिस का स्पष्ट कहना है कि हर 'रॉन्ग साइड' ड्राइविंग मामले में FIR अनिवार्य नहीं है। यदि सड़क पर ट्रैफिक अधिक है और पुलिस को लगता है कि ड्राइवर की इस हरकत से किसी की जान खतरे में पड़ सकती है, तो ऐसी गंभीर स्थिति में ड्राइवर के खिलाफ तुरंत FIR दर्ज की जाएगी। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य लोगों को नियमों के प्रति जागरूक करना और सड़क हादसों को रोकना है।