राष्ट्रीय

मराठा आरक्षण पर बोले सीएम फडणवीस- कानून के दायरे में ही मिलेगा आरक्षण, बातचीत के दरवाजे खुले

Maratha Reservation: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि मराठा समुदाय को आरक्षण संवैधानिक और कानूनी दायरे में ही दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार बातचीत के लिए तैयार है और ओबीसी कोटे को नुकसान पहुंचाए बिना समाधान तलाशा जाएगा।
2 min read
Sep 08, 2026
Devendra Fadnavis
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (Photo: IANS)

उरण (महाराष्ट्र)। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मंगलवार को मराठा आरक्षण के चल रहे मुद्दे और एक्टिविस्ट मनोज जरांगे पाटिल की नई मांगों पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने मराठा समुदाय के फायदे और कल्याण के लिए बड़े फैसले किए हैं और आगे भी लेती रहेगी। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि समुदाय को सिर्फ कागजी वादों के बजाय सरकार के पिछले फैसलों से असल फायदे मिले हैं।

संवैधानिक दायरे में ही होना चाहिए आरक्षण

वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (डब्ल्यूडीएफसी) के जेएनपीटी-नया उमरगाम हिस्से के उद्घाटन के बाद पत्रकारों से बात करते हुए सीएम फडणवीस ने फिर कहा कि मराठा समुदाय को दिया जाने वाला कोई भी आरक्षण संवैधानिक दायरे में होना चाहिए और उसे कानूनी जांच में खरा उतरना चाहिए। उन्होंने कानूनी दायरे से बाहर के ऐसे समाधानों के खिलाफ चेतावनी दी जो शायद कोर्ट की समीक्षा में टिक न पाएं।

'किसी और का हक छीनकर आरक्षण नहीं देंगे'

सीएम ने सरकार का यह रुख दोहराया कि मराठों को आरक्षण का फायदा देने से दूसरे समूहों को कोई नुकसान नहीं होगा। उन्होंने कहा कि हम किसी और का हक छीनकर किसी और को नहीं देंगे। उन्होंने भरोसा दिलाया कि ओबीसी कोटा सुरक्षित रहेगा।

जरांगे पाटिल से बातचीत के लिए सरकार तैयार

मनोज जरांगे पाटिल के चल रहे विरोध और मांगों के बारे में पूछे गए सवालों का जवाब देते हुए सीएम फडणवीस ने कहा कि बातचीत के लिए दरवाजे हमेशा खुले हैं। अगर सरकार के फैसलों को लेकर कोई शक, कमी या गलतफहमी है तो राज्य सरकार बैठकर उन्हें साफ करने और सुलझाने के लिए तैयार है।

जरांगे की भूख हड़ताल जारी, तबीयत बिगड़ी

इस बीच मराठा आरक्षण के लिए जरांगे पाटिल की भूख हड़ताल जारी है और उनकी तबीयत बिगड़ गई है। मंत्रियों उदय सामंत और प्रसाद लाड से फोन पर बातचीत के बाद, वे फोर फ्लूइड (सलाइन) लेने को तैयार हो गए, हालांकि वे अपनी सभी मांगें पूरी होने तक उपवास खत्म न करने के अपने रुख पर अड़े हुए हैं।

मुनगंटीवार बोले- बड़े मुद्दों के समाधान में लगता है समय

पूर्व मंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता सुधीर मुनगंटीवार ने कहा कि बड़े मुद्दों को सुलझाने में अक्सर समय लगता है। उन्होंने याद दिलाया कि मराठा आरक्षण का मुद्दा पिछले मुख्यमंत्रियों के कार्यकाल में भी अनसुलझा ही रहा था। उन्होंने कहा कि मौजूदा मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और सुनेत्रा पवार, सभी इस मामले को लेकर सकारात्मक हैं और समाधान खोजने के लिए सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं।

संवैधानिक संशोधन को बताया आखिरी रास्ता

मुनगंटीवार ने कहा कि आरक्षण के मुद्दे को स्थायी रूप से सुलझाने का आखिरी रास्ता संसद में संवैधानिक दायरे के भीतर एक संवैधानिक संशोधन पारित करना है। उन्होंने कहा कि इस कदम से किसी अन्य समुदाय के मौजूदा कोटे पर बुरा असर डाले बिना मराठा और धनगर समुदायों के लिए आरक्षण का रास्ता साफ हो जाएगा। इसके लिए उन्होंने जोर दिया कि सभी राजनीतिक दलों के सांसदों को दिल्ली में एकजुट होना चाहिए और प्रधानमंत्री के साथ चर्चा करनी चाहिए।

Updated on:
08 Sept 2026 04:58 pm
Published on:
08 Sept 2026 04:58 pm