
Kunal Ghosh on Dhirendra Shastri: दुर्गा पूजा के दौरान मांसाहारी खाना न खाने की अपील को लेकर धीरेंद्र शास्त्री विवादों में घिर गए हैं। उनके बयान पर तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। TMC नेता कुणाल घोष ने कहा कि धीरेंद्र शास्त्री ने बंगाल और बंगालियों का अपमान किया है। उन्होंने कहा कि सरकार को उनसे माफी मांगने के लिए कहना चाहिए। कुणाल घोष ने कहा कि जब राज्य सरकार ने धीरेंद्र शास्त्री की मेजबानी की थी, तब उनके मंच से बंगाल और बंगालियों के बारे में अपमानजनक टिप्पणी की गई। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ शिकायत दर्ज कराने का मामला नहीं है। सरकार को भी इस पर जवाब देना चाहिए।
कुणाल घोष ने कहा कि धीरेंद्र शास्त्री ने बंगालियों को पाखंडी बताया। उन्होंने कहा कि अगर इस तरह की टिप्पणी से किसी की भावनाएं आहत नहीं होतीं तो शायद उसमें भावनाएं ही नहीं हैं। TMC नेता ने आरोप लगाया कि सरकार के संरक्षण में ऐसी बातें हो रही हैं। उन्होंने कहा कि सरकार के करीबी लोग जब चाहें बंगाल और बंगालियों का अपमान कर देते हैं। TMC ने मांग की कि धीरेंद्र शास्त्री को अपने बयान के लिए माफी मांगनी चाहिए।
धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री रविवार को हावड़ा जिले के लिलुआ में तीन दिवसीय हनुमंत कथा में शामिल हुए थे। कार्यक्रम में उन्होंने दुर्गा पूजा और नवरात्रि के दौरान मांसाहारी भोजन को लेकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल की एक बात उन्हें पसंद नहीं है। उनके मुताबिक, नवरात्रि और दुर्गा पूजा के दौरान पूजा पंडालों के पास मांसाहारी खाना बनाया और खाया जाता है। उन्होंने इसे लेकर आपत्ति जताई।
धीरेंद्र शास्त्री ने हिंदुओं से आने वाली नवरात्रि में जागने और ऐसे लोगों को बाहर करने की अपील भी की। उन्होंने मांसाहार करने वालों को 'पवित्र नहीं' बताया और उन्हें धर्म का अपमान करने वाला कहा।
धीरेंद्र शास्त्री के बयान पर पश्चिम बंगाल बीजेपी अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने भी असहमति जताई है। उन्होंने कहा कि बंगाली वही खाएंगे, जो अब तक खाते आए हैं। उन्होंने सवाल किया कि क्या बंगाली मछली और मांस खाना छोड़ देंगे। समिक भट्टाचार्य ने कहा कि किसी को यह तय करने का अधिकार नहीं है कि लोग क्या खाएं और क्या पहनें। उन्होंने इसे धीरेंद्र शास्त्री की निजी राय बताया।
धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री हावड़ा के लिलुआ में हनुमंत कथा के लिए पश्चिम बंगाल पहुंचे थे। कार्यक्रम से पहले मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने एक सरकारी ऑडिटोरियम में उनके लिए डिनर आयोजित किया था। इसमें कैबिनेट और राज्य मंत्री भी शामिल हुए थे। मुख्यमंत्री कार्यालय ने रविवार को इस कार्यक्रम की तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा की थीं और धीरेंद्र शास्त्री को 'बागेश्वर महाराज' बताया था।
अब उनके बयान को लेकर बंगाल में राजनीतिक विवाद बढ़ गया है। TMC ने सरकार पर निशाना साधते हुए माफी की मांग की है जबकि बीजेपी की प्रदेश इकाई ने भी शास्त्री की अपील से दूरी बना ली है।