कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने भाजपा के वरिष्ठ नेता लाल कृष्ण आडवाणी के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक पुरानी तस्वीर साझा करते हुए एक नया विवाद खड़ा कर दिया है, जिसमें उन्होंने भाजपा और आरएसएस की संगठनात्मक शक्ति की प्रशंसा की है।
कांग्रेस कार्य समिति (CWC) की बैठक से ठीक पहले वरिष्ठ कांग्रेस नेता और राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के जरिए सियासत में नई बहस छेड़ दी है। इस पोस्ट में उन्होंने भाजपा और आरएसएस की संगठनात्मक कार्यशैली की प्रशंसा की है। दिग्विजय सिंह ने अपनी पोस्ट में लिखा, "मुझे यह तस्वीर Quora साइट पर मिली। यह बहुत प्रभावशाली है। RSS के जमीनी स्तर के स्वयंसेवकों और जनसंघ/भाजपा के कार्यकर्ताओं का अपने नेताओं के चरणों में बैठकर राज्य के मुख्यमंत्री और देश के प्रधानमंत्री बनने का तरीका संगठन की शक्ति को दर्शाता है। जय सिया राम।" उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक पुरानी तस्वीर साझा की है, जिसमें मोदी, लालकृष्ण आडवाणी के चरणों के पास बैठे नजर आ रहे हैं। कांग्रेस नेता की इस पोस्ट ने राजनीतिक गलियारों में खलबली मचा दी है।
राहुल गांधी पर कटाक्ष करते हुए भाजपा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा का जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि ओबामा ने अपनी पुस्तक 'ए प्रॉमिस्ड लैंड' के 24वें अध्याय में लिखा है— "राहुल गांधी में एक घबराहट और अनभिज्ञता का भाव है, मानो वह एक ऐसे छात्र हों जिसने पाठ्यक्रम तो पूरा कर लिया हो और शिक्षक को प्रभावित करने के लिए उत्सुक हो, लेकिन भीतर से उसमें या तो योग्यता की कमी है या विषय में महारत हासिल करने का जुनून नहीं है।"
दिग्विजय सिंह के ट्वीट पर भाजपा नेता शहजाद पूनावाला ने कहा कि अब खुद पार्टी और परिवार के लोग भी राहुल गांधी के खिलाफ अविश्वास जाहिर कर रहे हैं। उन्होंने कहा, "शशि थरूर ने पहले ही खुद को अलग किया, इमरान मसूद ने 'प्रियंका लाओ राहुल हटाओ' की बात कही और अब दिग्विजय सिंह का यह बयान… यह स्पष्ट करता है कि कांग्रेस का संगठन कमजोर हुआ है।"
वहीं, भाजपा नेता गौरव वल्लभ ने कहा कि दिग्विजय सिंह के अनुसार कांग्रेस आज एक 'परिवार के स्वामित्व वाली कंपनी' बन चुकी है। उन्होंने कहा, "यहाँ केवल वही व्यक्ति निर्णय ले सकता है जिसने उस परिवार में जन्म लिया हो। कोई व्यक्ति केवल इसलिए जनप्रतिनिधि नहीं बन सकता कि उसके पूर्वज बड़े पदों पर रहे हों। मैंने भी कांग्रेस छोड़ते समय यही बात कही थी।"
भाजपा की तीखी प्रतिक्रियाओं के बाद दिग्विजय सिंह ने स्पष्टीकरण जारी करते हुए कहा कि उनके सोशल मीडिया पोस्ट को गलत समझा गया है। उन्होंने सफाई देते हुए कहा, "आप बातों का गलत अर्थ निकाल रहे हैं। मैंने केवल संगठन की कार्यकुशलता की प्रशंसा की है। विचारधारा के स्तर पर मैं आरएसएस और मोदी का कट्टर विरोधी हूँ।"