
Dilip Ghosh on TMC: तृणमूल कांग्रेस (TMC) के नाम और चुनाव चिह्न को लेकर विवाद के बीच बीजेपी नेता और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष ने ममता बनर्जी पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि पार्टी के भीतर आपसी खींचतान बढ़ रही है और ममता बनर्जी अकेली रह गई हैं। यह बयान ऐसे समय आया है जब चुनाव आयोग ने अंतरिम आदेश में TMC के नाम और ‘फूल और घास’ वाले चुनाव चिह्न के इस्तेमाल पर रोक लगा दी है।
दिलीप घोष ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस की स्थिति ऐसी हो गई है कि पार्टी के नेता आपस में ही लड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि जनता ने पार्टी को खारिज कर दिया है। घोष ने कहा कि TMC के भीतर चल रहे विवाद के कारण पार्टी इस तरह नहीं चल सकती। उन्होंने ममता बनर्जी को लेकर भी कहा कि वह अकेली रह गई हैं।
चुनाव आयोग ने 17 सितंबर को अंतरिम आदेश जारी कर ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस नाम और उसके आरक्षित ‘फूल और घास’ चुनाव चिह्न के इस्तेमाल पर रोक लगा दी। यह रोक आगामी पश्चिम बंगाल विधानसभा उपचुनावों के लिए लगाई गई है।
आयोग के मुताबिक, पार्टी में दो गुट हैं और दोनों TMC पर अपना दावा कर रहे हैं। एक गुट ममता बनर्जी के नेतृत्व में है, जबकि दूसरा गुट अरूप रॉय के नेतृत्व में है। आयोग ने दोनों गुटों से नए नाम और चुनाव चिह्न के विकल्प मांगे हैं। दोनों गुटों को 18 सितंबर सुबह 11 बजे तक तीन-तीन नाम और चुनाव चिह्न के विकल्प देने को कहा गया है। इसके बाद आयोग उपचुनाव के लिए दोनों गुटों को अलग-अलग नाम और चिह्न आवंटित करेगा।
दिलीप घोष ने कलकत्ता हाईकोर्ट के उस फैसले पर भी प्रतिक्रिया दी, जिसमें पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को श्रीरामपुर कोर्ट ग्राउंड में बैठक करने की अनुमति दी गई है। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी को कोर्ट के आदेश का पालन करना चाहिए। घोष ने कहा कि जब उनकी पार्टी को पिछली सरकार के दौरान बैठक की अनुमति नहीं मिलती थी, तब वे कोर्ट का रुख करते थे और अदालत के आदेश के बाद बैठक करते थे।
कलकत्ता हाईकोर्ट की तरफ से अवैध निर्माण के मामलों में सीबीआई को कार्रवाई के निर्देश दिए जाने पर भी दिलीप घोष ने राज्य की पिछली सरकार पर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि पिछली सरकार के दौरान पुलिस और प्रशासन की ओर से कार्रवाई नहीं होने पर लोगों को अदालत का रुख करना पड़ा। उनके मुताबिक, अदालत के आदेश के बाद कई मामलों में जांच शुरू हुई।
खड़गपुर में सीपीआई (माओवादी) नेता असीम मंडल उर्फ आकाश की गिरफ्तारी पर दिलीप घोष ने कहा कि पहले माओवादी और दूसरे आतंकी संगठन पश्चिम बंगाल में शरण लेते थे। उन्होंने दावा किया कि सरकार बदलने के बाद पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों ने कार्रवाई शुरू की है। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों को कानून के सामने लाया जा रहा है।