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200 करोड़ की वसूली मामले में DMK नेता मुथुकुमार को बड़ा झटका, हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत खारिज

तमिलनाडु में निजी स्कूलों से 200 करोड़ रुपये से अधिक की वसूली के मामले में DMK नेता मुथुकुमार की अग्रिम जमानत याचिका मद्रास हाईकोर्ट ने खारिज कर दी। पुलिस ने उन पर कई स्कूलों से करोड़ों रुपये वसूलने का आरोप लगाया है।
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Jul 09, 2026
Muthu kumar
डीएमके नेता मुथुकुमार (IANS Photo)

DMK Leader Muthu kumar: तमिलनाडु में निजी स्कूलों से 200 करोड़ रुपये से अधिक की वसूली के मामले में डीएमके (DMK) नेता मुथुकुमार (M. K. Muthukumar) को बड़ा झटका लगा है। मद्रास हाईकोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है। पुलिस का आरोप है कि उन्होंने पूर्व मंत्री का करीबी होने का दावा कर कई निजी स्कूलों से सरकारी मान्यता और लाइसेंस दिलाने के नाम पर 200 करोड़ रुपये वसूले।

स्कूलों से करोड़ों रुपये वसूलने का आरोप

पुलिस के अनुसार, तमिलनाडु प्राइवेट स्कूल्स एसोसिएशन के कोषाध्यक्ष और डीएमके नेता मुथुकुमार पर कई निजी स्कूलों से बड़ी रकम लेने का आरोप है। जांच में दावा किया गया है कि उन्होंने स्कूलों को सरकारी मान्यता और जरूरी लाइसेंस दिलाने का भरोसा देकर करोड़ों रुपये वसूले। आरोप है कि अलग-अलग स्कूलों से कई लाख रुपये लिए गए और इस तरह कुल वसूली 200 करोड़ रुपये से अधिक पहुंच गई। पुलिस का कहना है कि इस पूरे मामले में कई स्कूल प्रभावित हुए हैं।

पूर्व मंत्री के करीबी होने का दावा

जांच एजेंसियों के मुताबिक, मुथुकुमार ने खुद को एक पूर्व मंत्री का करीबी बताकर स्कूल संचालकों का भरोसा जीता। इसी आधार पर उन्होंने सरकारी काम जल्दी कराने और मान्यता दिलाने का आश्वासन दिया। बाद में कई स्कूलों ने उनके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की।

गिरफ्तारी से बचने के लिए पहुंचा हाईकोर्ट

मामले में गिरफ्तारी की आशंका को देखते हुए मुथुकुमार ने मद्रास हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत की याचिका दायर की। उन्होंने गिरफ्तारी से पहले कानूनी सुरक्षा की मांग की थी। हालांकि, सुनवाई के दौरान पुलिस ने अदालत को बताया कि मामला करोड़ों रुपये की कथित धोखाधड़ी और बड़ी संख्या में निजी स्कूलों से जुड़ा है। पुलिस ने जांच की गंभीरता का भी हवाला दिया।

अदालत ने राहत देने से किया इनकार

मामले की सुनवाई के बाद मद्रास हाईकोर्ट ने मुथुकुमार की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी। अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए उन्हें राहत देने से इनकार कर दिया। इस आदेश के बाद अब पुलिस के लिए आगे की कानूनी कार्रवाई का रास्ता साफ हो गया है। माना जा रहा है कि जांच एजेंसी उनसे पूछताछ के लिए जल्द कार्रवाई कर सकती है।

Updated on:
09 Jul 2026 05:41 pm
Published on:
09 Jul 2026 05:41 pm