
चेन्नई। सीजेपी और वामपंथी संगठनों के नेताओं व कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी को लेकर तमिलनाडु की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है। DMK प्रवक्ता टीकेएस एलंगोवन ने टीवीके पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि पार्टी दोहरा रवैया अपना रही है। उन्होंने कहा कि एक ओर टीवीके राहुल गांधी के लिए कार्यक्रम आयोजित कर रही है, वहीं दूसरी ओर सीजेपी कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया जा रहा है।
चेन्नई में सीजेपी और वामपंथी संगठनों के नेताओं व प्रदर्शनकारियों को 'जंतर-मंतर 2.0' विरोध प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिए जाने के मुद्दे पर एलंगोवन ने कहा कि टीवीके का यह रवैया उसके दोहरे राजनीतिक चरित्र को दिखाता है। उन्होंने कहा कि जब पार्टी राहुल गांधी को आमंत्रित कर उनके लिए कार्यक्रम आयोजित कर रही है, तो दूसरी ओर प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई क्यों की जा रही है।
राज्य के बॉन्ड के जरिए उधारी के मुद्दे पर वित्त मंत्री मैरी विल्सन की टिप्पणी से जुड़े सवाल पर भी एलंगोवन ने सीजेपी कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि डीएमके को सीजेपी कार्यकर्ताओं की रिहाई के लिए आंदोलन करना पड़ा, क्योंकि ऐसा नहीं होता तो वे जेल में ही रहते। एलंगोवन ने कहा कि आंदोलन करने वाले लोगों को गिरफ्तार करने के बजाय उन्हें प्रदर्शन के लिए एक निश्चित स्थान दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रदर्शनकारियों को जगह उपलब्ध कराने से सरकार का कोई नुकसान नहीं होगा। उनके मुताबिक, ये लोग केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं, न कि राज्य सरकार के खिलाफ।
'वी द लीडर्स मूवमेंट' के प्रमुख सर्वेंट के. अन्नामलाई और भाजपा के बीच CJP नेताओं पर कार्रवाई को लेकर जारी बयानबाजी पर प्रतिक्रिया देते हुए एलंगोवन ने कहा कि अन्नामलाई की बात सही है, लेकिन उन्होंने अपना रुख क्यों बदला, यह समझ से परे है। उन्होंने कहा कि आखिर किस दबाव में अन्नामलाई ने अपना रुख बदला। एलंगोवन ने कहा कि नागरिकों को विरोध प्रदर्शन करने का अधिकार है। उनके इस बयान से साफ है कि DMK इस मामले में प्रदर्शनकारियों के समर्थन और गिरफ्तारी के विरोध को राजनीतिक मुद्दा बना रही है।