TR Baalu on Congress: तमिलनाडु में DMK के टीआर बालू ने कांग्रेस पर 5 विधायकों के पाला बदलकर TVK को समर्थन देने को लेकर खुलेआम विश्वासघात और अवसरवादिता का आरोप लगाया।
Tamil Nadu political crisis: तमिलनाडु में तेजी से बदलते राजनीतिक घटनाक्रम के बीच टीआर बालू ने द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) की ओर से कांग्रेस पार्टी पर ‘खुलेआम विश्वासघात’ और अवसरवादिता का आरोप लगाया है। यह बयान ऐसे समय आया है जब कांग्रेस के पांच विधायक पाला बदलकर विपक्ष के समर्थन में चले गए हैं और TVK को समर्थन दिया है।
कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए बालू ने कहा कि पार्टी ने तमिलनाडु की जनता के भरोसे को तोड़ा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने डीएमके-नेतृत्व वाले गठबंधन के हिस्से के रूप में चुनाव लड़ा, लेकिन बाद में TVK को समर्थन देकर जनादेश के साथ विश्वासघात किया।
बालू ने यह भी कहा कि कांग्रेस इस कदम को सैद्धांतिक बताने की कोशिश कर रही है, जबकि यह महज अवसरवादिता है। उनके मुताबिक, इसे सिद्धांत का नाम देना सिर्फ 'अवसरवाद का मुखौटा' है।
सोशल मीडिया 'X' पर जारी बयान में बालू ने डीएमके और कांग्रेस के बीच पुराने और गहरे संबंधों को याद किया। उन्होंने कहा, 'जब भी कांग्रेस किसी संकट में रही, डीएमके एक करीबी सहयोगी के रूप में उसके साथ खड़ी रही। इसके लिए हमने भारी कीमत चुकाई, लेकिन इसे खुले दिल से स्वीकार किया।'
उन्होंने सोनिया गांधी, दिवंगत पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के साथ व्यक्तिगत संबंधों का भी उल्लेख किया। बालू ने कहा कि राहुल गांधी अकसर एमके स्टालिन को 'भाई' कहकर संबोधित करते थे, जो दोनों दलों के बीच करीबी रिश्तों को दर्शाता है।
बालू ने कांग्रेस की तुलना भारतीय जनता पार्टी से करते हुए आरोप लगाया कि दोनों ही दल सत्ता पाने के लिए शॉर्टकट अपनाते हैं। उन्होंने 2019 के लोकसभा चुनाव का जिक्र करते हुए कहा कि जब कांग्रेस खुद राहुल गांधी को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित करने में हिचकिचा रही थी, तब डीएमके प्रमुख एमके स्टालिन ने चेन्नई में उनका नाम प्रस्तावित किया था। उन्होंने यह भी कहा कि डीएमके-नेतृत्व वाले गठबंधन ने बड़ी चुनावी सफलताएं हासिल कीं और संसद में सबसे अधिक सांसद भेजे।
अपने बयान के अंत में बालू ने कहा कि विश्वासघात और हार डीएमके के लिए नई बात नहीं है, लेकिन ये स्थायी नहीं होते। हार हमारे लिए नई नहीं है, विश्वासघात भी नया नहीं है। लेकिन ये हमेशा नहीं रहते-समय इसका जवाब देगा।तमिलनाडु की राजनीति में डीएमके, कांग्रेस और TVK के बीच बढ़ता तनाव आने वाले समय में नए राजनीतिक समीकरणों का संकेत दे रहा है।