
हुमायूं कबीर। ( फोटो: ANI)
West Bengal: पश्चिम बंगाल के पूर्व मंत्री हुमायूं कबीर के नेतृत्व वाली आम जनता उन्नयन पार्टी (AJUP) ने विधानसभा चुनावों के बाद मुर्शिदाबाद जिले में बड़े पैमाने पर हुई हिंसा का आरोप लगाते हुए कलकत्ता उच्च न्यायालय में याचिका दायर की है। याचिका में मुर्शिदाबाद में हिंसा की NIA जांच की मांग की गई है।
आपको बता दें कि हुमायूं कबीर ममता बनर्जी की नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 से पहले दिसंबर में उन्हें निलंबित कर दिया था, क्योंकि उन्होंने मुर्शिदाबाद में बाबरी मस्जिद बनाने का ऐलान किया था। उन्होंने राज्य में विधानसभा चुनाव से पहले आम जनता उन्नयन पार्टी का गठन किया था।
आम जनता उन्नयन पार्टी के प्रमुख हुमायूं कबीर ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में मुर्शिदाबाद जिले में नौदा और रेजीनगर दोनों सीटों पर जीत हासिल की। रेजीनगर सीट पर उन्होंने बीजेपी प्रत्याशी बापन घोष को 58,876 मतों के बड़े अंतर से हराया, जबकि नौदा सीट पर भी कबीर ने बीजेपी के राणा मंडल को 27,943 वोटों के अंतर से हराया। रेजीनगर सीट पर हुमायूं कबीर को 1,23,536 मत मिले, वहीं बीजेपी को 64,660 जबकि TMC को 41,718 वोटों के साथ तीसरे स्थान पर रही। हुमायूं कबीर ने अपने सबसे करीबी प्रतिद्वंद्वी भाजपा के राणा मंडल को 27,943 वोटों से हराकर नौदा सीट पर जीत दर्ज की।
नंदीग्राम और भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र से भाजपा के विजयी उम्मीदवार सुवेंदु अधिकारी ने चुनाव बाद होने वाली हिंसा को लेकर कहा, 'मैं सभी से शांत रहने की अपील करता हूं; TMC के सभी गुंडों से कानून के दायरे में रहकर निपटा जाएगा। BJP सरकार के तहत TMC के हर गुंडे को उनके अत्याचारों के लिए जवाबदेह ठहराया जाएगा।
राजनीतिक हिंसा करने की जरूरत नहीं है। एकदम शांति बनाए रखे। जो गुंडा, भ्रष्टाचारी, बलात्कारी है आने वाले दिन भाजपा सरकार इस पर काम करेगी...संदेशखाली का जब खुलासा हुआ तब शाहजहां ने अपने ऑफिस में बेटी-बहनों को बुलाकर उन पर अत्याचार किया। संदेशखाली की पीड़ितों ने ये आरोप लगाया था इसलिए मैं भाजपा कार्यकर्ताओं को मैं अपील कर रहा हूं कि कोई भी ऐसी घटना नहीं होना चाहिए....'
Updated on:
06 May 2026 07:20 pm
Published on:
06 May 2026 06:53 pm
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