बेगूसराय में दहेज की मांग पूरी न होने पर ससुराल वालों ने 22 वर्षीय निशा कुमारी की हत्या कर उसके शव को गंगा में फेंक दिया, जिसके 19 दिन बाद शव बरामद हुआ और पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है।
बिहार के बेगूसराय में एक बार फिर दहेज लोभियों की क्रूरता देखने को मिली है। यहां एक महिला की हत्या कर उसके ससुराल वालों ने गंगा में उसका शव फेंक दिया, जिसके 19 दिन बाद अब जाकर महिला का शव मिला है। मृतका के परिवार का आरोप है कि उसके ससुराल वाले दहेज के लिए उसे प्रताड़ित करते थे। लंबे समय से वह उनसे बाइक की मांग कर रहे थे, जिसे पूरा नहीं किए जाने पर पीड़िता की हत्या कर दी गई।
मृतका की पहचान 22 वर्षीय निशा कुमारी के रूप में हुई है। जून 2023 में निशा की शादी सिंघौल निवासी रोहित कुमार से हुई थी। रोहित खेती करता है दोनों का एक डेढ़ साल का बेटा भी है। निशा के पिता मुखराम चौहान के अनुसार, शादी के कुछ दिन बाद तक सब ठीक चला लेकिन बाद में बेटी को ससुराल वाले दहेज के लिए परेशान करने लगे। पिता के अनुसार, ससुराल वालों ने निशा के साथ मारपीट भी करते थे, जिससे परेशान होकर वह कई बार अपने मायके रहने आ जाती थी।
छठ पूजा से पहले भी निशा अपने मायके ही थी, लेकिन पूजा के दो दिन पहले उसका देवर उसे लेने आया। उसने निशा को ठीक से रखने की बात कही और अपने साथ वापस ले गया। निशा के पिता ने बताया कि, बेटी के ससुराल जाने के बाद वह हर दिन उससे बात करते थे। आखिरी बार उनकी निशा से 10 नवंबर को बात हुई थी। 11 तारीख को जब निशा के पिता ने फोन किया तो उसके पति रोहित ने उनसे कहा कि, वह किसी के साथ भाग गई है। निशा के पिता ने कहा कि, यह जानने के बाद हम उसे ढूंढने में जुट गए और इसी बीच 14 नवंबर को उसके ससुराल वालों ने फोन कर बोला की आपकी बेटी ने आत्महत्या कर ली है।
बेटी की मौत की खबर से परिवार में मातम छा गया। इसके बाद जब उन्होंने जांच पड़ताल की तो उन्हें पता चला कि निशा के ससुराल वालों ने उसकी हत्या कर शव गायब कर दिया है। इसके बाद 18 नवंबर को निशा की मां फुलवा देवी ने सिंघौल थाने में अपने दामाद, समधी, समधन और बेटी के चचेरे ससुर समेत अन्य लोगों के खिलाफ FIR दर्ज कराई। इसके बाद पुलिस आरोपियों की तलाश में जुट गई और कई जगहों पर छापेमारी की गई। इस मामले में सबसे पहली गिरफ्तारी रविवार को निशा के चचेरे ससुर रणधीर महतो की हुई।
पूछताछ के दौरान रणधीर ने निशा की हत्या करने की बात कबूल की। उसने पुलिस को बताया कि हमने पहले घर में निशा की हत्या की और फिर लाश को चादर में रख कर उस पर बहुत सारी मिट्टी डाली और उसे बांध कर गंगा नदी में फेंक दिया। इसके बाद पुलिस रणधीर को साथ लेकर सिमरिया गंगा घाट से करीब 3 किलोमीटर दूर कसहा गांव के पास पहुंची। यहां उसने पुलिस को वह जगह बताई जहां उन्होंने निशा की लाश को फेंका था।
गोताखोरों की मदद से पुलिस ने नदी में से चादर में लिपटी निशा की लाश को निकाला। लंबे समय तक पानी में रहने की वजह से निशा की लाश पूरी तरह से सड़ चुकी थी। इसके बाद पुलिस ने निशा के माता पिता को खबर दी और उसके शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस निशा के पति समेत सास-ससुर और अन्य आरोपियों की तलाश कर रही है। निशा के पिता ने आरोपी दामाद के लिए फांसी की सजा की मांग की है।