
DUSU Election Result: दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव के लिए मतगणना जारी है। अध्यक्ष पद पर एनएसयूआई के विजय शंकर मीणा और एबीवीपी के यश डबास के बीच कांटे की टक्कर चल रही है। वहीं उपाध्यक्ष पद पर निर्दलीय प्रत्याशी दीपांशु शोकीन 15,591 वोटों से आगे चल रहे है। उन्होंने कहा कि एक छात्र प्रतिनिधि के लिए राजनीतिक पार्टी से ज्यादा महत्वपूर्ण यह होता है कि वह छात्रों के मुद्दों को किस तरह उठाता है और किस तरह उनकी आवाज बनता है। इसलिए चुनाव जीतना मेरा एकमात्र उद्देश्य नहीं था।
दीपांशु ने कहा कि मेरा उद्देश्य पिछले चार वर्षों में छात्रों द्वारा मुझ पर जताए गए भरोसे और हमारे बीच बने रिश्ते का सम्मान करना था। मैं छात्रों के मुद्दों को उठाना और उनकी चिंताओं को सामने रखना चाहता था, और मैंने ऐसा किया भी। इसी वजह से मैं चुनाव लड़ने के लिए आगे आया।
उन्होंने कहा कि निर्दलीय चुनाव लड़ना निश्चित रूप से मुश्किल होता है, लेकिन मुझे खुद पर भरोसा था और छात्र भी मेरे साथ थे, क्योंकि उन्हें मुझ पर विश्वास था। मैंने छात्रों के मुद्दों के लिए लड़ाई लड़ी और छात्रों ने खुद यह साबित कर दिया कि जो भी उनके लिए आवाज उठाएगा और उनके साथ खड़ा रहेगा, वे उसका समर्थन करेंगे।
राउंड 15 की मतगणना के बाद दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ (DUSU) चुनाव में अध्यक्ष और सचिव पद पर ABVP के प्रत्याशी आगे चल रहे हैं, जबकि संयुक्त सचिव पद पर NSUI बढ़त बनाए हुए है। अध्यक्ष पद पर ABVP के यश डबास को 17,315 वोट मिले हैं, जबकि NSUI के विजय मीणा को 17,021 वोट मिले हैं।
सचिव पद पर ABVP की रिया छावड़ी 14,731 वोटों के साथ आगे हैं, जबकि NSUI की नम्रता चौधरी को 11,301 वोट मिले हैं। वहीं, संयुक्त सचिव पद पर NSUI के गोपाल चौधरी 11,912 वोटों के साथ बढ़त पर हैं। ABVP के लक्ष्यराज सिंह को 11,415 और निर्दलीय विशेष यादव को 11,128 वोट मिले हैं।
डूसू चुनाव को लेकर एनएसयूआई के पूर्व अध्यक्ष अरुण हुड्डा ने कहा कि मुकाबला कांटे का नहीं है, बल्कि बीजेपी और एबीवीपी चुनाव हार रही हैं। उन्होंने कहा कि यह उनके किए गए कामों और वादों का नतीजा है। उन्होंने युवाओं से कई वादे किए थे, जैसे 2 लाख नौकरियां देना, नए शैक्षणिक कोर्स शुरू करना और हॉस्टल बनाना, लेकिन ये वादे पूरे नहीं हुए। उन्होंने सवाल उठाया कि फीस माफी और छात्राओं की सुरक्षा का क्या हुआ?