Durga Puja 2021 बंगाल के दुर्गा पंडालों में भक्तों की भीड़ उमड़ने लगी है। इस बीच बंगाल के पंडालों में राजनीति की भी झलक देखने को मिल रही है। खेला होबे से लेकर कोरोना महामारी की दूसरी लहर में ऑक्सीजन क्राइसिस कंट्रोल करने की थीम से पंडाल को सजाया गया है
नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल ( West Bengal ) में त्योहारी सीजन भी राजनीतिक के रंग में रंगा नजर आता है। नवरात्रि चल रहे हैं और दुर्गा पूजा के लिए पूरे बंगाल में पंडाल सजे हुए हैं। लेकिन इन पंडालों में पॉलिटिक्स भारी नजर आ रही है। खास तौर पर खेला होबे थीम पर पंडाल को डिजाइन किया गया है।
बंगाल के दुर्गा पंडालों में भक्तों की भीड़ उमड़ने लगी है। इस बीच बंगाल के पंडालों में राजनीति की भी झलक देखने को मिल रही है। खेला होबे से लेकर कोरोना महामारी की दूसरी लहर में ऑक्सीजन क्राइसिस कंट्रोल करने की थीम से पंडाल को सजाया गया है।
दक्षिण कोलकाता में एक दुर्गा पूजा पंडाल को 'खेला होबे' की थीम पर डिजाइन किया गया है। खेला होबे थीम डिजाइन करने वाले कलाकार सौमेन घोष का कहना है कि 'खेला होबे' का नारा पूरे भारत में प्रसिद्ध है।
हमने इस विषय को बच्चों और युवाओं को मोबाइल गेम के बजाय आउटडोर गेम खेलने के लिए प्रेरित करने के लिए चुना है।
दरअसल इस वर्ष हुए विधानसभा चुनाव में ‘खेला होबे’ नारे का इस्तेमाल हुआ था। चुनाव में टीएमसी ने भाजपा को करारी शिकस्त दी थी।
टीएमसी प्रमुख एवं मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पिछले महीने घोषणा की थी कि 16 अगस्त को 'खेला होबे दिवस' के रूप में मनाया जाएगा।
बता दें कि तृणमूल कांग्रेस राष्ट्रीय स्तर पर अपने पैर जमाने की कोशिश में लगी है, उसने देश के अन्य हिस्सों में यह दिवस मनाने के लिए बड़ी योजनाएं बनाई हैं। इनमें पूर्वोत्तर राज्य त्रिपुरा भी शामिल है जहां 2023 में विधानसभा चुनाव होना है।
पौधरोपण से ऑक्सीजन क्राइसिस पर काबू
सुरक्षित और स्वस्थ जीवन के लिए बीरभूम में एक दुर्गा पंडाल पौधरोपण के लिए लोगों में जागरूकता फैलाई जा रही है। यहां के दुर्गा पंडाल को पौधरोपण को बढ़ावा देने वाली थीम पर सजाया गया है।
पंडाल मालिक पिनाकी लाल ने बताया, 'हमको कोरोना की दूसरी लहर ने ऑक्सीजन का महत्व समझाया है। इस पंडाल के माध्यम से हम लोगों को पौधारोपण का महत्व समझा रहे हैं।'