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DUSU चुनाव नतीजे को NSUI उम्मीदवार ने दी चुनौती, दिल्ली HC ने याचिका पर सुनवाई से किया इनकार

DUSU चुनाव नतीजे को NSUI उम्मीदवार विजय शंकर मीणा ने चुनौती दी। दिल्ली हाईकोर्ट ने याचिका पर सुनवाई से इनकार करते हुए अधिकारियों को शिकायत पर फैसला लेने का निर्देश दिया।
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Sep 30, 2026
Delhi HC DUSU Presidential Election Plea NSUI
DUSU चुनाव नतीजे को NSUI उम्मीदवार ने दी चुनौती (फाइल फोटो - एएनआई)

Delhi HC DUSU Presidential Election Plea NSUI: दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ के 2026-27 चुनाव के अध्यक्ष पद के नतीजे को चुनौती देने वाले एनएसयूआई उम्मीदवार विजय शंकर मीणा की याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट ने सुनवाई से इनकार कर दिया है। कोर्ट ने संबंधित अधिकारियों को मीणा की शिकायत पर विचार करने और तय समय के भीतर फैसला लेने का निर्देश दिया है।

19 सितंबर को घोषित हुआ था चुनाव परिणाम

दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव का परिणाम 19 सितंबर को घोषित किया गया था। अध्यक्ष पद पर एबीवीपी के यश डबास ने 24,576 वोट हासिल किए थे। वहीं, विजय शंकर मीणा को 22,523 वोट मिले थे। इस तरह डबास ने 2,053 वोटों के अंतर से चुनाव जीता था। मीणा ने चुनाव परिणाम को चुनौती देते हुए दिल्ली हाईकोर्ट का रुख किया था। उन्होंने चुनाव में कई तरह की गड़बड़ियों का आरोप लगाया था।

शिक्षकों और कर्मचारियों पर लगाए प्रचार के आरोप

मीणा की याचिका में कहा गया कि कुछ कॉलेजों के प्रिंसिपल, प्रोफेसर और प्रशासनिक कर्मचारियों ने उम्मीदवारों के पक्ष में प्रचार किया। उन्होंने कुछ चुनाव अधिकारियों और शिक्षकों के भी प्रचार में शामिल होने का आरोप लगाया। मीणा के मुताबिक, यह चुनाव में संस्थागत निष्पक्षता के नियमों के खिलाफ है। उन्होंने लिंगदोह समिति की सिफारिशों और छात्रसंघ की चुनाव आचार संहिता का भी हवाला दिया।

मतदान प्रतिशत पर भी उठाए सवाल

मीणा ने अलग-अलग कॉलेजों में हुए मतदान को लेकर भी सवाल उठाए। उनके मुताबिक, एक लाख 51 हजार से ज्यादा योग्य मतदाताओं में कुल मतदान 40.46 प्रतिशत रहा। वहीं, कुछ कॉलेजों में मतदान 80 प्रतिशत तक पहुंच गया। उन्होंने अदिति महाविद्यालय, भगिनी निवेदिता कॉलेज, स्वामी श्रद्धानंद कॉलेज, शिवाजी कॉलेज और मोतीलाल नेहरू कॉलेज के मतदान आंकड़ों पर सवाल उठाए।

मीणा का कहना था कि इन आंकड़ों की जांच जरूरी है। उन्होंने इसकी वजह अध्यक्ष पद के चुनाव में सिर्फ 2,053 वोटों का अंतर बताया।

सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने की मांग

मीणा ने विश्वविद्यालय को पहले शिकायत देकर चुनाव में कथित गड़बड़ियों की जांच की मांग की थी। उन्होंने मतदान केंद्रों, मतगणना स्थल और अन्य संबंधित जगहों की सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने की मांग भी की। उन्होंने कहा था कि सामान्य अवधि पूरी होने के बाद ये रिकॉर्ड मिट सकते हैं। इसलिए इन्हें सुरक्षित रखना जरूरी है।

याचिका में मतों की दोबारा गिनती और शिकायत पर फैसला आने तक नवनिर्वाचित पदाधिकारियों के कार्यभार संभालने पर रोक लगाने की मांग भी की गई थी।

अधिकारियों को शिकायत पर फैसला लेने का निर्देश

मीणा ने संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत हाईकोर्ट का रुख किया था। उन्होंने चुनाव से जुड़े रिकॉर्ड, ईवीएम और मतगणना से जुड़े दस्तावेज भी मांगे थे।

हालांकि, दिल्ली हाईकोर्ट ने याचिका पर सीधे सुनवाई करने से इनकार कर दिया। कोर्ट ने संबंधित अधिकारियों को मीणा की शिकायत पर विचार करने और तय समय के भीतर फैसला लेने का निर्देश दिया। मीणा की ओर से लगाए गए आरोपों की जांच अब संबंधित अधिकारियों को करनी है।

Updated on:
30 Sept 2026 01:16 pm
Published on:
30 Sept 2026 01:16 pm