
भारत निर्वाचन आयोग ने SIR यानी स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन को लेकर बड़ा फैसला लिया है। चुनाव आयोग ने एसआईआर घोषणा को ऑनलाइन फॉर्म 6 से पूरी तरह से अलग कर दिया है। यह बदलाव उन सभी राज्यों में लागू होगा, जहां SIR का काम जारी है। चुनाव आयोग के नए फैसले के मुताबिक अब यह घोषणा फॉर्म 6 में शामिल करने के बजाए अलग से जमा करनी होगी। फॉर्म 6 का इस्तेमाल पात्र नागरिक मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए करते हैं। इस बदलाव के बाद आवेदकों को ऑनलाइन फॉर्म 6 भरते समय SIR की घोषणा नहीं करनी पड़ेगी। यह कदम चुनाव आयोग के आंतरिक कामकाज में किए जा रहे कई बदलावों की कड़ी में उठाया गया है। निर्वाचन आयोग बीते कुछ दिनों से नए आदेशों के जरिए पारदर्शिता बढ़ाने और निर्णय प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करने की कोशिश की जा रही है।
यही नहीं, भारत निर्वाचन आयोग ने अपनी बैठकों के संचालन में भी बदलाव किए हैं। अब बैठकों का एजेंडा पहले से वितरित किया जा रहा है। बैठक के बाद मिनट्स औपचारिक रूप से जारी किए जा रहे हैं। वहीं, बदलावों के ब्योरे के अनुसार, पहले ये प्रथाएं नहीं अपनाई जाती थीं। इसके साथ ही, एक अहम फैसला भी चुनाव आयोग ने लिया है। यह फैसला चुनाव आयोग के अधिकारियों की विदेश यात्राओं से जुड़ा है। अब आयोग में कार्यरत अधिकारियों को विदेश दौरे पर जाने से पहले उसकी मंजूरी लेनी होगी। पिछली व्यवस्था में ऐसी पूर्व अनुमति अनिवार्य नहीं थी।
नए सूचना प्रौद्योगिकी (IT) मॉड्यूल विकसित करने की प्रक्रिया में भी बदलाव किया गया है। नए मॉड्यूल के प्रस्ताव अब पहले एक समिति के पास भेजे जाएंगे, उसके बाद उन्हें विचार के लिए आयोग के समक्ष रखा जाएगा। IT मॉड्यूल की मंजूरी की प्रक्रिया पहले चुनाव आयुक्तों और मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) के बीच विवाद का विषय रही थी। संशोधित व्यवस्था में ऐसे प्रस्तावों के आयोग तक पहुंचने से पहले जांच की एक अतिरिक्त परत जोड़ दी गई है।